
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम की कार्यशैली, कथित भ्रष्टाचार और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विवादास्पद बयान को लेकर सोमवार को भाजपा ने नगर निगम और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आसनसोल के भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने जहां निगम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, वहीं तृणमूल जिला अध्यक्ष नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के बयान को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी और वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णेन्दु मुखर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। तीनों नेताओं ने तीखे शब्दों में निगम की कार्यप्रणाली और सत्तारूढ़ दल की नीयत पर सवाल खड़े किए।

ऑपरेशन सिंदूर’ के विरोध में पुलिस थानों तक पहुंची भाजपा
भाजपा नेता कृष्णेन्दु मुखर्जी ने पश्चिम बर्धमान तृणमूल अध्यक्ष नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बयान लोकतंत्र को चुनौती देने वाला है। भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने और धमकाने की यह साजिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुखर्जी ने बताया कि जिले के हर थाने में इस बयान के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द ही नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो भाजपा जिला नेतृत्व सड़कों पर उतरकर जनांदोलन करेगा।
म्युनिसिपल अकाउंट्स कमेटी का गठन न होना घोटाले की निशानी: तिवारी
पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने नगर निगम के तीन साल के कार्यकाल में म्युनिसिपल अकाउंट्स कमेटी का गठन नहीं होने को सीधे-सीधे भ्रष्टाचार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार, हर नगर निगम में यह समिति बनाई जाती है ताकि वित्तीय गतिविधियों की पारदर्शिता बनी रहे। इस समिति का अध्यक्ष विपक्षी दल का पार्षद होता है, जिससे हर खर्च पर निगरानी संभव हो। लेकिन आश्चर्य की बात है कि 25 फरवरी 2022 को शपथ लेने के बाद जून 2025 तक समिति का गठन नहीं किया गया।
तिवारी ने आरोप लगाया कि यह देरी जानबूझकर की गई है ताकि निगम में चल रही अनियमितताओं और घोटालों पर पर्दा डाला जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को भय है कि समिति बनते ही उनके कामकाज का कच्चा चिट्ठा उजागर हो जाएगा।

72 घंटे में अतिक्रमण हटाने का दावा
पूर्व मेयर तिवारी ने नगर निगम प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा को केवल दो महीने के लिए निगम की कमान दे दी जाए, तो वे मात्र 72 घंटे में पूरे शहर से अतिक्रमण हटा देंगे। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए किसी बड़े तामझाम की जरूरत नहीं, केवल मजबूत इच्छाशक्ति चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान निगम प्रशासन राजनीतिक संरक्षण के चलते अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इससे आम लोगों को रोजाना यातायात, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।
जनहित और पारदर्शिता के लिए आंदोलन को तैयार भाजपा
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे नगर निगम में पारदर्शिता लाने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। अगर सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो पार्टी जन आंदोलन की राह अपनाएगी।














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