
आसनसोल : “सपनों को पंख देने वाली बेटी” के रूप में पहचानी जाने वाली परमित कौर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि परंपरा और सफलता एक साथ चल सकते हैं। कोलकाता में आयोजित वाइब्रेंट मिस बंगाल 2025 प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने न सिर्फ आसनसोल बल्कि पूरे सिख समाज को गर्व की अनुभूति कराई है।परमित कौर, जो कि त्रिलोचन सिंह और सिमरत कौर की सुपुत्री हैं, शुरू से ही आत्मविश्वास, शालीनता और सौम्य व्यवहार की मिसाल रही हैं। प्रतियोगिता में उन्होंने न केवल रैंप वॉक से बल्कि अपने सटीक और विचारशील उत्तरों से भी निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर सिख वेलफेयर सोसाइटी की ओर से एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया,

जिसमें परमित को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। संस्था के संस्थापक सुरजीत सिंह मक्कड़ ने कहा, “परमित हमारे समाज की बेटी है। उन्होंने मर्यादा में रहकर जिस ऊंचाई को छुआ है, वह सचमुच काबिल-ए-तारीफ है। वह आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।”उन्होंने यह भी बताया कि 14 जून को परमित को सिख एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया जाना था, लेकिन उसी दिन प्रतियोगिता का फाइनल होने के कारण वह उसमें शामिल नहीं हो सकीं। इसी कारण उन्हें विशेष रूप से अब सम्मानित किया गया।समारोह में परमित की मां सिमरत कौर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “यह सब वाहेगुरु की कृपा है।

मेरी बेटी बचपन से ही प्रतिभाशाली रही है। समाज ने हमें जो सम्मान दिया है, उसके लिए हम दिल से आभारी हैं।”इस अवसर पर सुरजीत सिंह मक्कड़, जसपाल सिंह, अमरजीत सिंह, जसप्रीत कौर सलूजा, सुजाता इंडिज, सवंत कौर सलूजा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।परमित कौर आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो अपने सपनों को परंपरा के सम्मान के साथ साकार करना चाहते हैं। उन्होंने यह संदेश दिया है कि “सपने केवल देखे नहीं जाते, मेहनत से पूरे भी किए जाते हैं।”














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