
दुर्गापुर : स्वयं को सेना का अधिकारी बताकर महिलाओं को गुमराह कर ठगी करने वाले एक युवक को दुर्गापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक अभिषेक मुखर्जी पिछले कई महीनों से फर्जी पहचान और नकली आईडी कार्डों के जरिए खुद को सेना, खुफिया एजेंसी (रॉ), आईपीएस और गृह मंत्रालय का अधिकारी बताकर कई महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाता रहा। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
दुर्गापुर के डीसी अभिषेक गुप्ता ने प्रेस वार्ता कर बताया कि अभियुक्त के पास से सेना की वर्दी, एयरगन, और विभिन्न सरकारी विभागों के फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। आरोपी ने स्थानीय बाजार में स्थित एक दुकान से ये फर्जी आईडी कार्ड बनवाए थे। संबंधित दुकानदार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

सोशल मीडिया बना ठगी का माध्यम
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए महिलाओं से संपर्क बनाता था। महिलाओं से निकटता बढ़ाने के बाद वह खुद को उच्च पदस्थ अधिकारी बताकर विश्वास जीतता और फिर धीरे-धीरे उनसे आर्थिक लाभ उठाता था।
दुर्गापुर में रहने वाली एक शिक्षिका इस ठग का शिकार बनी। शिक्षिका का परिचय अभियुक्त से एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से हुआ था। अभियुक्त ने स्वयं को सेना में अधिकारी और खुफिया एजेंसी से जुड़ा हुआ बताया। भरोसा दिलाने के लिए वह शिक्षिका के माता-पिता से भी मिला और कुछ दिनों तक उनके घर पर भी ठहरा। संदेह के बावजूद शिक्षिका ने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध अभियुक्त से रजिस्ट्री विवाह कर लिया। बाद में यह विवाह भी फर्जी निकला।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
जब शिक्षिका के परिवार को अभिषेक के व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह हुआ तो उन्होंने सिटी सेंटर फांड़ी में शिकायत दर्ज कराई। दो दिन पूर्व अभियुक्त दुर्गापुर लौटा और सिटी सेंटर के एक होटल में ठहरा। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, उन्होंने उसे पूछताछ के लिए तलब किया। अभिषेक एक वकील के साथ थाने पहुंचा, लेकिन जब उससे प्रमाणिक दस्तावेज मांगे गए, तो वह टालमटोल करने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्त टूट गया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कोई पहला मामला नहीं है। अभियुक्त पूर्व में भी फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। उसके विरुद्ध यू/एस 319(2)/318(4)/316(2)/68/338/336(3) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। उसके पास से बरामद लैपटॉप और मोबाइल की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
पूरे मामले की निगरानी एसीपी सुबीर राय, सीआई रणबीर बाग, थाना प्रभारी संजीव दे तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह संगठित ठगी का एक हिस्सा है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
फिलहाल अभियुक्त पुलिस रिमांड में है और उससे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतें और फर्जी पहचान या संदेहास्पद गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।














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