
आसनसोल : भारतीय रेलवे की पर्यटन शाखा आईआरसीटीसी देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को देश-विदेश के यात्रियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘भारत गौरव पर्यटक ट्रेन’ का संचालन कर रही है। यह पहल भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ योजनाओं के तहत की गई है। इस यात्रा के माध्यम से तीर्थयात्रियों को दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
इस संबंध में आईआरसीटीसी ने आसनसोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 स्थित फूड प्लाजा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि दीपांकर मन्ना ने पत्रकारों को बताया कि यह विशेष पर्यटक ट्रेन 27 जुलाई (रविवार) को भागलपुर से रवाना होगी और विभिन्न स्टेशनों—जसीडीह, मधुपुर, सुजलपुर, बराकर, धनबाद, बोकारो स्टील सिटी, मुरी, रांची, राउरकेला, झारसुगुड़ा, चांपा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग—से होते हुए यात्रियों को लेकर दक्षिण भारत की ऐतिहासिक और धार्मिक यात्रा पर निकलेगी।

11 रात, 12 दिन की यात्रा
यह संपूर्ण यात्रा 11 रात और 12 दिनों की होगी, जिसमें तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम (ज्योतिर्लिंग), मदुरै, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन (ज्योतिर्लिंग) जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का भ्रमण शामिल है। यात्रा 7 अगस्त को समाप्त होगी।
यात्रा शुल्क और सुविधाएं
आईआरसीटीसी ने इस यात्रा के लिए दो वर्गों की सुविधा दी है —स्लीपर इकॉनोमी श्रेणी: ₹22,760 प्रति यात्री,थ्री एसी स्टैंडर्ड श्रेणी: ₹39,990 प्रति यात्री,यह एक सर्वसमावेशी यात्रा होगी, जिसमें शामिल हैं —विशेष एलएचबी कोच में आरामदायक ट्रेन यात्रा,यात्रा के दौरान ऑनबोर्ड और ऑफबोर्ड भोजन,दर्शनीय स्थलों के लिए एसी बस सेवा,होटल में रात्रि विश्राम की व्यवस्था,टूर एस्कॉर्ट, यात्रा बीमा, सुरक्षा, और हाउसकीपिंग सेवा,कोविड-19 नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा।

बुकिंग और जानकारी के स्रोत
इच्छुक यात्री बुकिंग और विस्तृत जानकारी के लिए आईआरसीटीसी के कोलकाता कार्यालय (41, शेक्सपियर सरणी, डकबैक हाउस, पंचम तल) से संपर्क कर सकते हैं या आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। अधिकृत एजेंटों के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है।संपर्क नंबर:रांची: 8595937711,पटना: 8595904073,कोलकाता: 9771440056 . प्रेस सम्मेलन में आईआरसीटीसी के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। यह यात्रा न केवल तीर्थ के इच्छुक यात्रियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि भारत की विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जानने का भी उत्तम माध्यम है।














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