
आसनसोल : पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा घोषित राज्यव्यापी “चाइल्ड लेबर हटाओ अभियान” को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शुक्रवार को आसनसोल नगर निगम में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। आलोचना भवन में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता मेयर विधान उपाध्याय ने की, जिसमें श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा नगर निगम के विभिन्न वार्डों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सख्त रुख में नजर आए मेयर, दिया दो टूक संदेश
बैठक में बोलते हुए मेयर विधान उपाध्याय ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “किसी भी परिस्थिति में बच्चों का बचपन नहीं छीना जाएगा। जो भी व्यक्ति या संस्था बच्चों से श्रम करवा रही है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने चेताया कि “यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से किसी बच्चे का शोषण सामने आता है, तो उस पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।”
बाल श्रम से मुक्त कर पुनर्वास की व्यवस्था
मेयर ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जिन बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया जाएगा, उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। उनके लिए मुफ्त शिक्षा, पोषण युक्त भोजन, वर्दी और पाठ्य सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पुनर्वास के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।

हर वार्ड में बनेगा विशेष निगरानी दल
नगर निगम के सभी 106 वार्डों में बाल श्रम पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी टीम गठित की जाएगी। ये टीम होटल, ढाबा, दुकान, गैरेज, निर्माण स्थलों और कारखानों की नियमित जांच करेगी। इसमें वार्ड स्तर के अधिकारी, समाजसेवी संगठन और स्थानीय पुलिस की सहभागिता होगी।
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर को किया जाएगा सक्रिय
मेयर ने बताया कि 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर को पूरी तरह सक्रिय किया जा रहा है, जिससे कोई भी नागरिक यदि किसी स्थान पर बाल श्रम की घटना देखे, तो तत्काल रिपोर्ट कर सके। इसके अलावा नगर निगम अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा देगा।
समाज से मांगा सहयोग
मेयर ने आम नागरिकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और पत्रकारों से अपील करते हुए कहा, “यह सिर्फ सरकारी तंत्र का काम नहीं है, समाज को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझनी होगी। जब तक हम सब एकजुट होकर बाल श्रम के खिलाफ नहीं लड़ेंगे, तब तक कोई भी कानून कारगर नहीं हो सकता।”

जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर निगम द्वारा बाल अधिकारों और शिक्षा के महत्व पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत स्कूलों में विशेष कार्यशालाएं, नुक्कड़ नाटक, रैली और पोस्टर अभियान की योजना बनाई गई है।
एक जिम्मेदार शहर की ओर पहला कदम
नगर निगम के इस अभियान को “बाल श्रम मुक्त आसनसोल” का नाम दिया गया है, जिसके तहत अगले छह महीनों में शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों को बच्चों के श्रम से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि इस पहल से आसनसोल एक नैतिक और न्यायपूर्ण शहर के रूप में पहचान बनाएगा।














Users Today : 6
Users Yesterday : 14