
आसनसोल : शिक्षा और संस्कार की साझी राह पर अग्रसर गुरु नानक मॉडल स्कूल, आसनसोल में शुक्रवार को नई कक्षाओं का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में धार्मिक अनुशासन, आधुनिक शिक्षा और समुदाय की भागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरबाणी कीर्तन और अरदास के साथ हुई, जिससे समूचा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक, छात्र और अतिथि इस शुभ अवसर पर मौजूद रहे।
“सिर्फ शिक्षा नहीं, अच्छे इंसान गढ़ने की कोशिश”
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अमरजीत सिंह भरारा ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ अकादमिक शिक्षा नहीं, बल्कि बच्चों को नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है। नई कक्षाएं इसी दिशा में एक ठोस कदम हैं।”

उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ रही छात्र संख्या और अभिभावकों के विश्वास को देखते हुए विद्यालय ने कक्षा विस्तार का निर्णय लिया।
भविष्य की दिशा: स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और योग कक्षाएं
विद्यालय प्रबंधन ने जानकारी दी कि आने वाले महीनों में स्मार्ट क्लासरूम, एक आधुनिक पुस्तकालय और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए विशेष केंद्र तैयार किए जाएंगे। विद्यार्थियों के मानसिक विकास हेतु योग, संगीत और नैतिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

सांझा लंगर में छिपी एकता की भावना
कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण कर भाईचारे की भावना को सजीव किया।
संक्षेप में: धार्मिक गरिमा के साथ उद्घाटन, तकनीकी सुविधाओं से युक्त कक्षाएं, संस्कार और शिक्षा का समन्वय—गुरु नानक स्कूल का यह प्रयास शिक्षा जगत में एक प्रेरणास्पद पहल बनता जा रहा है।














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