Breaking News
आसनसोल में निर्यात संवर्धन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर मंथन बाराबनी पंचायत समिति का कामकाज ठप, 13 सदस्यों के त्यागपत्र के बाद विकास योजनाओं पर लगा विराम राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार और पेयजल योजनाओं पर दिल्ली में मंथन, मंत्री अजय पोद्दार की अहम बैठकों पर निगाहें आसनसोल-दुर्गापुर में हवाई संपर्क बढ़ाने की मांग, दिल्ली सहित चार शहरों के लिए दैनिक उड़ानों का प्रस्ताव जामुड़िया में बालू लदे वाहनों से कथित अवैध वसूली पर पुलिस की कार्रवाई, भाजपा नेता बताने वाला व्यक्ति गिरफ्तार दो माह से भुगतान नहीं मिलने पर तपसी साइडिंग में डंपर संचालन बंद,

दुर्गापुर में मरणोपरांत देहदान को बढ़ावा देने हेतु समझौता हस्ताक्षर

Facebook
Twitter
WhatsApp

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

दुर्गापुर : मरणोपरांत देहदान और अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पश्चिम बंग विज्ञान मंच ने एक निजी मेडिकल कॉलेज के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 20 जून को बिधाननगर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ। इस पहल से पश्चिम बर्धमान जिले में मानवता की सेवा के इस अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मेडिकल शिक्षा को मिलेगा संबल, जनजागरूकता को मिलेगा विस्तार
समझौते के तहत विज्ञान मंच अब मरणोपरांत देहदान, नेत्रदान और अंगदान से संबंधित कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करेगा। साथ ही मेडिकल कॉलेज इन अंगों और शवों का उपयोग शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यों के लिए करेगा। यह सहयोग न सिर्फ मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण में सहायक होगा, बल्कि समाज में नैतिक और वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करेगा।

IMG 20250511 WA0050

दोनों पक्षों की ओर से महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस समझौते पर कॉलेज की ओर से प्रिंसिपल डॉ. देवर्षि साहा, एनाटॉमी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज चक्रवर्ती ने हस्ताक्षर किए। विज्ञान मंच की ओर से जिला सचिव कल्लोल घोष, अध्यक्ष श्रीकांत चट्टोपाध्याय, अरुण चटर्जी और देबब्रत चौधरी ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष धनुषधारी राय, किशोर भट्टाचार्य और मिठू चक्रवर्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने इस अनुबंध को जिला स्तर पर सामाजिक और वैज्ञानिक चेतना का बड़ा कदम बताया।

देहदान आंदोलन को मिलेगी नई दिशा
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मरणोपरांत देहदान एक महान सामाजिक और वैज्ञानिक योगदान है। इसके ज़रिए न केवल चिकित्सा क्षेत्र को लाभ होता है, बल्कि यह मृत व्यक्ति द्वारा समाज के लिए छोड़ा गया अंतिम उपहार भी होता है।विज्ञान मंच के प्रतिनिधियों ने आशा जताई कि इस समझौते से अंगदान, नेत्रदान और देहदान जैसी मानवीय पहलों को बल मिलेगा और आम लोगों में इस विषय पर सकारात्मक सोच विकसित होगी।

IMG 20240918 WA0025

जागरूकता अभियान चलाएगा विज्ञान मंच
पश्चिम बंग विज्ञान मंच आने वाले समय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संगोष्ठी, प्रचार अभियान, और कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को इस नेक कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। मंच का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग मरणोपरांत देहदान की शपथ लें और इस मानवसेवा में भागीदार बनें।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 7 8 5
Users Today : 6
Users Yesterday : 14