
आसनसोल : बीएनआर मोड़ पर एक विशेष प्रतिरोध सभा का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न अधिकार-संगठनों, श्रमिक संघों और जन आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। यह सभा 1 अक्टूबर को ईसीएल ठेका श्रमिक अधिकार संघ की नेता सुदीप्त पाल तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के घरों पर NIA की छापेमारी के विरुद्ध थी। इस छापेमारी के दौरान इन नेताओं के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती और अधिकार आंदोलन पर प्रतिरोधी स्वर दबाने का प्रयास हुआ।

सुदीप्त पाल ने सभा में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एनआईए अधिकारियों ने बिना किसी अग्रिम सूचना के उनके घर में घुसकर तड़के छापेमारी की। उन्होंने बिना किसी एफआईआर के उनके खिलाफ इस तरह की जांच पर सवाल उठाए, जिसे सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने गंभीरता से सुना।

सभा में अन्य प्रमुख वक्ताओं में डॉ. स्वाति घोष (आसनसोल सिविल राइट्स एसोसिएशन), सौमेंदु गांगुली (इस्को मजदूर यूनियन), मानिक समद्दार (मजदूर क्रांति परिषद), प्रदीप बनर्जी (एआईसीसीटीयू), स्वप्न दास (दलित एवं अल्पसंख्यक गणमंच), सुमन कल्याण मौलिक (अधिकार कार्यकर्ता), इंद्रजीत मुखर्जी (दुर्गापुर जनाधिकार मंच), तथा उमेश दुशाद (अधिकार यूनियन) सम्मिलित रहे। सभा का संचालन बाबुआ चौधरी ने किया।
वक्ताओं ने एक सुर में राज्य के इस तथाकथित ‘राष्ट्रीय आतंक’ के खिलाफ संघर्ष को तीव्र करने और समस्त अधिकारवादी संगठनों को एकजुट होकर विद्रोह करने का आह्वान किया।















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