
बराकर : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य में आलू की बढ़ती कीमतों पर नाराजगी जताए जाने के बाद, झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित डीबूडीह चेकपोस्ट पर आलू लदे ट्रकों को रोक दिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के कारण चेकपोस्ट पर ट्रकों की लंबी कतारें लगने लगी हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका प्रबल हो गई है।

ट्रक चालकों ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल से अन्य राज्यों में आलू ले जाने के क्रम में पुलिस उन्हें रोक रही है। इससे न केवल परिवहन बाधित हो रहा है, बल्कि व्यापारियों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ट्रक चालकों का कहना है कि उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ दिन पूर्व राज्य में आलू की कीमतों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने आलू की आपूर्ति को नियंत्रित करने और राज्य के भीतर कीमतों को स्थिर रखने के लिए टास्क फोर्स को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। माना जा रहा है कि पुलिस द्वारा ट्रकों को रोका जाना इसी निर्देश का परिणाम है।
राज्य सरकार के इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आलू की पर्याप्त आपूर्ति राज्य के भीतर बनी रहे और कीमतों में वृद्धि पर काबू पाया जा सके। हालांकि, व्यापारियों और परिवहन संचालकों का कहना है कि इस प्रकार के प्रतिबंध से उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और अन्य राज्यों में आलू की आपूर्ति बाधित होगी।

पश्चिम बंगाल प्रशासन का तर्क है कि राज्य में आलू की कीमतों को नियंत्रित रखना प्राथमिकता है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन ट्रक चालकों और व्यापारियों ने सरकार से इस समस्या का शीघ्र समाधान निकालने की अपील की है, ताकि यातायात और व्यापार सामान्य हो सके।
यह स्थिति न केवल व्यापारियों और परिवहन उद्योग को प्रभावित कर रही है, बल्कि दोनों राज्यों के बीच आर्थिक संतुलन पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है।















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