
आसनसोल : भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने आज आसनसोल में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय सरकार द्वारा बांग्ला भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा देना एक ऐतिहासिक और प्रशंसनीय निर्णय है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि बंगाल के निवासी तथा बंग भूमि के संतान के रूप में सभी लोग इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

तिवारी ने कहा कि बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से लोग केंद्रीय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अनेक लोग इस सम्मान को समय पर नहीं मिलने की बात कह रहे हैं और कहा कि बांग्ला भाषा को यह प्रतिष्ठा बहुत पहले मिल जानी चाहिए थी।
तिवारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ममता ने बांग्ला भाषा को सांस्कृतिक दर्जा दिलाने के लिए कभी भी कोई ठोस संघर्ष नहीं किया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि उन्होंने कब बांग्ला भाषा के लिए लड़ाई लड़ी?”

उन्होंने यह भी कहा कि जब ममता बनर्जी यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री थीं, तो वे इस कार्य को एक दिन में करवा सकती थीं। परंतु, उन्होंने केवल अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया, जैसे कि सौ दिनों के लिए पैसा मांगने के मुद्दे।
जितेंद्र तिवारी ने अंत में बांग्ला भाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और उम्मीद जताई कि यह निर्णय बंगाल की संस्कृति और भाषा को और भी मजबूती प्रदान करेगा।















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