कोयला तस्करी मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया 25 नवंबर को होगी पूर्ण

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आसनसोल : बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। विशेष सीबीआई कोर्ट के जज राजेश चक्रवर्ती ने सोमवार को सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि आरोप तय करने की अंतिम प्रक्रिया 25 नवंबर को सम्पन्न होगी। उन्होंने सभी आरोपियों को उस दिन सशरीर उपस्थित रहने का आदेश दिया है।

कोर्ट में दो घंटे तक चली सुनवाई

सोमवार को सीबीआई कोर्ट में इस मामले से जुड़े आरोपियों के वकीलों ने अपने पक्ष प्रस्तुत किए। सुनवाई लगभग दो घंटे तक चली। गौरतलब है कि यह प्रक्रिया गत गुरुवार को आरंभ हुई थी, जब सीबीआई के वकील राकेश कुमार ने आरोप तय करने के लिए अर्जी दाखिल की थी। न्यायाधीश ने सीबीआई से आरोपियों पर लगाए गए विभिन्न धाराओं का ब्यौरा मांगा।

सीबीआई के वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोप पत्र में 50 व्यक्तियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें 12 ईसीएल कर्मी, 10 कंपनियां और 27 अन्य व्यक्ति शामिल हैं। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है और एक प्रमुख आरोपी विनय मिश्रा अब भी फरार है। शेष 48 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे।

आरोपियों के खिलाफ धाराएं और विरोध

सीबीआई ने आरोपियों पर तीन प्रमुख धाराएं लगाई हैं। इनमें से कई धाराओं को आरोपियों के वकीलों ने चुनौती दी है। वकीलों ने न्यायालय से समय मांगा था, जिसके बाद सोमवार का दिन निर्धारित किया गया था। अब न्यायालय ने सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया कि 25 नवंबर को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी लाला उर्फ अनुप माजी के खिलाफ अन्य आरोपियों की तुलना में अधिक धाराएं लगाई गई हैं। वहीं, रत्नेश्वर वर्मा और विकास मिश्रा के नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल हैं।

कोयला तस्करी मामला: एक नजर

कोयला तस्करी का यह मामला पूर्वी भारत के कोयला खदानों से जुड़ा है, जिसमें कोयले का अवैध खनन और परिवहन किया गया। इस कांड ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मचा दिया था। सीबीआई ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की थीं और जांच के दौरान बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताओं का खुलासा हुआ।

सीबीआई की दलीलें और न्यायाधीश की टिप्पणियां

सीबीआई के वकील राकेश कुमार ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर आरोप तय किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई की आवश्यकता है।

न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों की बात सुनी और उनके द्वारा पेश किए गए तर्कों पर विचार किया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी आरोपी 25 नवंबर को नियमित रूप से उपस्थित रहें ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया बाधित न हो।

न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

कोयला तस्करी मामले में आरोप तय करना एक महत्वपूर्ण चरण है, जो इस बहुचर्चित मामले में न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का प्रतीक है। अदालत ने यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।

आरोप तय होने के बाद मामले की सुनवाई और तेज होने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोयला तस्करी जैसे संगीन मामले में अदालत का अंतिम फैसला क्या होता है।

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