आसनसोल : बीते दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के सभी नगर निकाय के अधिकारियो के साथ बैठक कर नाराजगी जाहिर की थी l उन्होने अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर नकेल कसने की बात कही थी l अवैध कब्जा और अवैध निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दिये बयान के बाद कोलकाता से लेकर विभिन्न जिलों के बाजारों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चल पड़ा। मानो उत्तर प्रदेश का बुलडोज़र बंगाल की धरती पर उतर आया हो l लेकिन गुरुवार मुख्यमंत्री कोलकाता में समीक्षा बैठक के दौरान फिलहाल अभियान को स्थगित करने को कहा l गुरुवार उन्होंने साफ कह दिया की ऐसे अवैध निर्माण के लिए स्थानीय पार्षद, नेता और पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है l आगे ऐसे अवैध निर्माण कंही पनपता है, तों सीधे उस इलाके के पार्षद और नेता पर कार्यवाही होंगी, उन्हें जेल जाना होगा l लेकिन उनके इस कार्य को बिरोधी मात्र एक ड्रामा मान रहें है l बिरोधियो का कहना है मुख्यमंत्री कुछ करनेवाली नहीं है ये बस लोगों का ब्रेन वाश किया जा रहा है l अब ये तों आनेवाला वक़्त बताएगा की क्या बंगाल की मुख्यमंत्री अतिक्रमण पर बुलडोज़र चलवा पायेगी या सिर्फ मात्र खानापूर्ति कर के रहा जाएगी l

खैर नाम के लिए ही सही कंही कंही बुलडोज़र चला तों सही और इसका असर भी पड़ा है l लोगों में एक डर पैदा हुआ है की सरकारी जमीन पर अब ज्यादा दिन नहीं दखल किया जा सकता l लेकिन इन सब के बीच अतिक्रमण का दंश झेल रही आसनसोल में ऐसी कुछ सुगबुगाहट देखने को नहीं मिली, जिससे नागरिकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिरकार आसनसोल के लाखों नागरिकों को इस समस्या से कब निजात मिलेगी? पिछले कई वर्षों से आसनसोल वासी इस समस्या से परेशान हैं। हालांकि नगर निगम की ओर से इन अतिक्रमण को लेकर कोई आवाज़ तक सुनाई नहीं दी लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री ने बिरोधी दल के कार्यालय को तालाब भराई कर बनाई गई है, कहते ही यँहा नगर निगम, बीएलआरओ और पुलिस अधिकारी के एक टीम तत्वरित कार्यवाही करते हुए आरएसएस के कार्यालय पंहुच गई l

ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या आसनसोल वासियों को इस वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिल पायेगी या नहीं? क्या आसनसोल के आम नागरिक यू ही हर मोड, सड़क, बाजार में जाम की समस्याओ से जूझते रहेंगे? अब यह तो आनेवाले वक्त ही बतायेगा कि आखिरकार सरकार क्या करेगी। हम तों बस इंतजार ही कर सकते है l















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