
बाकुड़ा : पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति निरंतर गिरती जा रही है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे कानून के रक्षकों पर ही हमलावर हो रहे हैं। बांकुड़ा जिले के सोनामुखी थाना क्षेत्र और मुर्शिदाबाद के रानीतला थाना अंतर्गत सरलपुर क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले इस चिंताजनक स्थिति को उजागर कर रहे हैं।
पहली घटना बांकुड़ा जिले के उत्तर बेशिया क्षेत्र में घटित हुई, जहां लंबे समय से नदी से अवैध रूप से बालू खनन किया जा रहा था। जब पुलिस और सिविक वॉलंटियर्स ने इस गैरकानूनी गतिविधि को रोकने का प्रयास किया, तो बालू माफियाओं ने पुलिस कैंप पर आक्रमण कर दिया। इस हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सात अपराधियों—अजीत सरकार, किशोरी मलिक, रतन सरकार, दीपक मंडल, सीमंत विश्वास, राजेश दे और संजीव सिंह—को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी सोनामुखी थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।

दूसरी घटना मुर्शिदाबाद जिले के रानीतला थाना अंतर्गत सरलपुर में हुई, जहां भैरव नदी के किनारे से अवैध रूप से मिट्टी कटाई की जा रही थी। पुलिस जब इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए पहुंची, तो मिट्टी माफियाओं ने उन पर पथराव कर दिया और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर घटना स्थल से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने मौके से एक जेसीबी मशीन जब्त कर ली है। इस हमले में एक पुलिस अधिकारी और एक सिविक वॉलंटियर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए लालबाग उपमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि हमलावर इस्लामपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं।

इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। जब पुलिस स्वयं असुरक्षित महसूस कर रही है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? यदि प्रशासन इन घटनाओं पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करता, तो राज्य में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।















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