जामुड़िया : पश्चिम बंगाल के जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र स्थित इकड़ा औद्योगिक इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सुपर स्मेल्टर कारखाने में कार्य के दौरान हुई दुर्घटना में एक श्रमिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान पांडवेश्वर थाना क्षेत्र के भूरी गांव निवासी सोइबुल काजी के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और सहकर्मियों में शोक के साथ भारी आक्रोश फैल गया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कारखाने में नियमित उत्पादन कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक एक गंभीर दुर्घटना हुई, जिसमें सोइबुल काजी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद कारखाने में कार्यरत अन्य श्रमिकों के बीच भय और नाराजगी का माहौल बन गया।
श्रमिक की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन, स्थानीय लोग और कारखाने के कर्मचारी मुख्य द्वार पर एकत्रित हो गए। इसके बाद कारखाना प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की कमी और लापरवाही के आरोप लगाए। कुछ समय के लिए मुख्य प्रवेश द्वार पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
आक्रोशित श्रमिकों और परिजनों का कहना था कि कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों, प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उनका आरोप है कि श्रमिकों से जोखिम भरे वातावरण में काम कराया जाता है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक सावधानियां बरती जातीं तो यह हादसा टाला जा सकता था।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि दुर्घटना में केवल एक श्रमिक ही नहीं, बल्कि कई अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। उनका आरोप है कि प्रबंधन पूरे मामले को सीमित रूप में प्रस्तुत कर स्थिति को दबाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक समझाइश और वार्ता का दौर चलता रहा। सुरक्षा कारणों से कारखाने के आसपास पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है।
कारखाना प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक प्रतिक्रिया में कहा गया कि हादसा अचानक हुआ और घायल श्रमिक को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि परिजनों को सूचना देने में कुछ विलंब हुआ, लेकिन उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी गई। साथ ही प्रबंधन ने घटना की आंतरिक जांच कराने की बात कही है।
मृतक के परिजनों ने उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
स्थानीय श्रमिक संगठनों ने भी घटना पर चिंता जताई है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते औद्योगिक उत्पादन के बीच श्रमिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।

















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