आसनसोल : शिल्पांचल में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार के स्तर पर भी चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। आसनसोल दक्षिण की विधायक तथा राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले प्रदूषण को लेकर सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के संचालन के साथ पर्यावरण और आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी।
मंत्री रविवार को बर्नपुर स्थित भारती भवन में राढ़ बांग्ला साहित्य परिषद और भारती भवन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन में शामिल हुई थीं। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आसनसोल शिल्पांचल में प्रदूषण की स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
अग्निमित्रा पॉल ने मंगलपुर क्षेत्र की स्पंज आयरन इकाइयों के साथ जामुड़िया और आसनसोल दक्षिण क्षेत्र की कुछ औद्योगिक इकाइयों से प्रदूषण फैलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में पहले भी संबंधित स्तर पर पत्राचार किया गया है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की शिकायत सामने आती रही है।
उन्होंने कहा कि आसनसोल की वायु गुणवत्ता को लेकर स्थिति गंभीर है। बढ़ता वायु गुणवत्ता सूचकांक क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर प्रभावी नियंत्रण उपाय लागू करना जरूरी है।

मंत्री ने कहा कि वह इस विषय को राज्य के परिवहन तथा उद्योग विभाग के मंत्रियों के समक्ष रखेंगी। इसके साथ ही जिले के जिलाधिकारी से भी मामले की जांच कराने को कहा जाएगा। उन्होंने परिवहन विभाग से वाहनों की भी जांच करने की बात कही। उनके अनुसार, यह देखना आवश्यक है कि सड़कों पर चलने वाले वाहनों के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं।
औद्योगिक इकाइयों को संदेश देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरणों के माध्यम से कारखानों से होने वाले प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए केवल लागत बचाने के उद्देश्य से प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का उपयोग नहीं करना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक गतिविधियों और व्यापारिक हितों के साथ आम नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रदूषण का स्तर कम करने के साथ उसके प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करनी होगी।
मंत्री ने क्षेत्र के लोगों से भी प्रदूषण संबंधी शिकायतें सामने आने पर प्रशासन और सरकार तक जानकारी पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों के आधार पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए आवश्यक जानकारी मिल सकती है।
शिल्पांचल लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में उद्योगों की निरंतरता के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है। मंत्री के बयान के बाद प्रदूषण नियंत्रण, वाहनों की जांच और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।

















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