कोलकाता/आसनसोल : कथित रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में तृणमूल कांग्रेस के बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद मंगलवार को कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत सांसद ने जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर मामले से जुड़े सवालों का सामना किया। अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है।
मामला रानीगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता व्यवसायी ने आरोप लगाया है कि उसे दुर्गापुर स्थित एक बंगले पर बुलाया गया था और सांसद के एक सहयोगी द्वारा कथित तौर पर 15 लाख रुपए की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, राशि नहीं देने पर उसके कारोबार को बंद कराने की धमकी दी गई थी। इस मामले में सांसद समेत अन्य लोगों के नाम प्राथमिकी में दर्ज किए गए हैं। अगस्त में दर्ज प्राथमिकी के बाद जांच सीआईडी को सौंपी गई थी।
मामले में गिरफ्तारी की आशंका को लेकर कीर्ति आजाद ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था। 15 सितंबर को न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की अदालत ने उन्हें फिलहाल कठोर या दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दिया था। साथ ही स्पष्ट किया था कि सांसद को जांच में सहयोग करना होगा और सीआईडी के समक्ष उपस्थित होना पड़ेगा। सीआईडी ने अदालत को बताया था कि उन्हें 22 सितंबर को भवानी भवन में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अदालत के निर्देश के अनुसार, भविष्य में यदि जांच एजेंसी को सांसद से दोबारा पूछताछ की आवश्यकता होती है तो निर्धारित अवधि का नोटिस देकर उन्हें बुलाया जा सकता है। अदालत ने जांच एजेंसी से आगे की जांच संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है। मामले में अगली न्यायिक प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
सीआईडी मुख्यालय रवाना होने से पहले कीर्ति आजाद ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि जिस दिन कथित घटना होने का दावा किया गया है, उस दिन वह दुर्गापुर में मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपने पक्ष में दस्तावेज और अन्य प्रमाण होने की बात कही है तथा जांच एजेंसी के समक्ष इन्हें प्रस्तुत करने की बात कही।
वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और जांच एजेंसी की कार्रवाई के बीच मामले की जांच जारी है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
मंगलवार को भवानी भवन में सांसद की उपस्थिति इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा रही। फिलहाल अदालत से मिले अंतरिम संरक्षण के साथ सीआईडी मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों को लेकर सांसद का पक्ष और शिकायतकर्ता के दावे दोनों जांच के दायरे में हैं।

















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