पूर्व बर्दवान : बर्दवान शहर में शुक्रवार देर रात भाजपा के स्थानीय नेताओं के बीच विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया, जब मंडल स्तर के दो नेता थाने के मुख्य द्वार के बाहर एक-दूसरे से तीखी बहस करने लगे। शनिवार को सामने आए घटनाक्रम में पार्टी कार्यालय में कथित तोड़फोड़ के बाद दोनों पक्ष शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। इसी दौरान नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। मामला बढ़ता देख ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा।

भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ के बाद थाने पहुंचे दोनों पक्ष
बताया गया कि विवाद की शुरुआत बर्दवान के बेड़ मोड़ इलाके में दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के मंडल संख्या चार स्थित भाजपा कार्यालय में कथित तोड़फोड़ से हुई। आरोप है कि कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और परिसर में खड़ी एक मोटरसाइकिल को भी नुकसान पहुंचाया गया।
घटना के बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी शिकायत लेकर बर्दवान थाने पहुंचे। शिकायत और घटनाक्रम को लेकर थाने में मौजूद नेताओं के बीच पहले से चल रहा तनाव अचानक सार्वजनिक बहस में बदल गया।
मुख्य द्वार पर आमने-सामने हुए नेता
थाने के बाहर मंडल संख्या चार के अध्यक्ष अमितेंदु चंद्र उर्फ राजू और भाजपा के महासचिव मनोज चक्रवर्ती के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है।
स्थिति ऐसी हो गई कि आधी रात के समय थाने के मुख्य द्वार के बाहर काफी देर तक दोनों नेताओं के बीच बहस होती रही। आसपास मौजूद लोगों और समर्थकों का ध्यान भी इस घटनाक्रम की ओर गया।
पुलिस अधिकारी ने दोनों नेताओं को फटकारा
थाने के बाहर हंगामा बढ़ता देख ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारी बाहर आए और दोनों नेताओं को शांत कराया। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि थाना परिसर विवाद या आपसी झगड़े का स्थान नहीं है। यदि किसी पक्ष को कोई शिकायत है तो उसे लिखित रूप में पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
पुलिस की सख्ती के बाद दोनों नेताओं और उनके साथ आए समर्थकों ने वहां से हटना उचित समझा। इसके बाद थाने के बाहर स्थिति सामान्य हुई।
नए जिलाध्यक्ष के बाद संगठन में खींचतान?
घटना ऐसे समय सामने आई है, जब जिले में भाजपा के नए जिलाध्यक्ष के चयन के बाद संगठनात्मक स्तर पर विभिन्न नेताओं और गुटों के बीच मतभेद की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, शुक्रवार रात की घटना को सीधे किसी गुटीय विवाद का परिणाम मानने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय स्तर पर इसे पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन भाजपा के स्थानीय नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना के पीछे वास्तविक कारण को लेकर फिलहाल अलग-अलग दावे ही सामने हैं।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भाजपा कार्यालय में हुई कथित तोड़फोड़ और उससे जुड़े विवाद की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। कार्यालय को किसने और किन परिस्थितियों में नुकसान पहुंचाया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस की ओर से थाने के बाहर नेताओं के बीच हुए विवाद को भी घटनाक्रम के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
फिलहाल बर्दवान में भाजपा के दो स्थानीय नेताओं के बीच थाने के बाहर हुई देर रात की नोकझोंक चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी कार्यालय में कथित तोड़फोड़ से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। स्थानीय राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद घटना को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।














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