आसनसोल : शहर में टोटो परिचालन के लिए लागू किए जा रहे मार्ग प्रतिबंधों को लेकर सोमवार को चालकों में असंतोष देखने को मिला। आसनसोल के कुमारपुर स्थित मनोज इलाके के समीप बड़ी संख्या में टोटो चालक एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से पूर्व निर्धारित मार्ग पर परिचालन की अनुमति देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान चालकों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं और मार्ग प्रतिबंधों के कारण आय पर पड़ रहे प्रभाव की जानकारी दी।
प्रदर्शन कर रहे चालकों का कहना था कि शहर के कई हिस्सों में टोटो का परिचालन अलग-अलग मार्गों पर जारी है, लेकिन भगत सिंह मोड़ से सतईशा मोड़ के बीच टोटो चलाने पर रोक लगाए जाने से उन्हें सबसे अधिक परेशानी हो रही है। चालकों के अनुसार, इस मार्ग पर नियमित परिचालन से उन्हें प्रतिदिन यात्रियों की सुविधा के साथ अपनी आय अर्जित करने का अवसर मिलता था।

आय प्रभावित होने का दावा
टोटो चालकों ने कहा कि अधिकांश चालक दैनिक आय पर निर्भर हैं। वाहन चलाकर होने वाली कमाई से ही परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया और वाहन से संबंधित खर्च पूरे किए जाते हैं। ऐसे में किसी महत्वपूर्ण मार्ग पर परिचालन बाधित होने से उनकी दैनिक आमदनी प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि मार्ग प्रतिबंध लागू करने से पहले चालकों की आर्थिक स्थिति और यात्रियों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाए। उनका कहना था कि यदि यातायात व्यवस्था के कारण किसी मार्ग पर टोटो परिचालन में बदलाव आवश्यक है तो उसके लिए स्पष्ट वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
पुराने मार्ग पर लौटने की मांग
चालकों की मुख्य मांग है कि उन्हें पहले की तरह भगत सिंह मोड़ से सतईशा मोड़ के बीच टोटो चलाने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि अचानक मार्ग बदलने या प्रतिबंध लगाने से यात्रियों को भी असुविधा हो रही है और चालकों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन की ओर से किसी कारणवश इस मार्ग पर टोटो परिचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो प्रभावित चालकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। चालकों ने इसे केवल यातायात से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि आजीविका से संबंधित मामला बताया।
यातायात व्यवस्था और रोजगार के बीच संतुलन की मांग
टोटो परिचालन को लेकर शहर में यातायात प्रबंधन और चालकों की आजीविका दोनों पक्ष जुड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से मार्गों पर वाहनों की संख्या, यातायात का दबाव और सड़क की क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाते हैं। वहीं, टोटो चालक अपने नियमित यात्रियों और निर्धारित मार्ग को अपनी आय का आधार बताते हैं।
सोमवार के प्रदर्शन के बाद अब चालकों की निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष बातचीत के माध्यम से समाधान चाहते हैं। उनका आग्रह है कि यातायात व्यवस्था बनाए रखते हुए ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो और टोटो चालकों की आजीविका भी प्रभावित न हो।
फिलहाल मार्ग प्रतिबंध को लेकर चालक और प्रशासन आमने-सामने हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था अथवा मार्ग संबंधी निर्णय सामने आता है या नहीं, इस पर क्षेत्र के टोटो चालकों और यात्रियों की नजर बनी हुई है।
















Users Today : 17
Users Yesterday : 25