आसनसोल : साइबर अपराध के खिलाफ आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। 17 अगस्त 2026 को शुरू किए गए ‘साइबर प्रहार’ अभियान के बाद पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी और गिरफ्तारी के साथ साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल भी शुरू की है। सोमवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, अब तक 10 मामले दर्ज कर 121 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही है, बल्कि कथित अपराध के पीछे सक्रिय लोगों, उनके संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
नियामतपुर पर विशेष नजर
कुल्टी थाना क्षेत्र का नियामतपुर पुलिस की विशेष निगरानी में है। पुलिस के अनुसार, इस क्षेत्र से अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में आरोपियों की भूमिका क्या थी और उनके बीच किसी प्रकार का संगठित संपर्क मौजूद था या नहीं।
पुलिस की जांच अब बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के साथ आर्थिक गतिविधियों तक भी पहुंच रही है। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ संदिग्धों ने कथित साइबर अपराध से आर्थिक लाभ अर्जित किया हो सकता है। ऐसे मामलों में आय और संपत्ति के स्रोतों की जांच की जा रही है।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी संपत्ति या आर्थिक लेनदेन को अपराध से अर्जित धन मानना उचित नहीं होगा। संबंधित मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
जामताड़ा संपर्क की पड़ताल
नियामतपुर में चल रही जांच के दौरान कुछ लोगों के संभावित संबंध झारखंड के जामताड़ा क्षेत्र से होने की जानकारी भी पुलिस के सामने आई है। पुलिस इस संभावित संपर्क की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ संदिग्धों के रिश्तेदार जामताड़ा क्षेत्र में रहते हैं। इसी आधार पर दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क, लेनदेन और अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जामताड़ा से किसी संगठित साइबर नेटवर्क का संबंध अभी जांच का विषय है। इसे फिलहाल स्थापित तथ्य नहीं माना जा रहा है।

दुर्गापुर में भी निगरानी
पुलिस आयुक्तालय के अनुसार, दुर्गापुर और नियामतपुर को साइबर अपराध से संबंधित गतिविधियों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस आवश्यकतानुसार छापेमारी और पूछताछ कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक साइबर अपराधी बैंक खाते, डिजिटल भुगतान, फर्जी पहचान और मोबाइल तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों की जांच में तकनीकी साक्ष्यों के साथ वित्तीय लेनदेन और आरोपियों के आपसी संपर्कों की जांच भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ‘साइबर प्रहार’ अभियान के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साइबर अपराध से अर्जित संभावित आर्थिक लाभ और संपत्ति से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी। अब पुलिस की निगाह कथित स्थानीय गतिविधियों के पीछे सक्रिय नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने लाने पर है।














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