
आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले सहित आस-पास के क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे न केवल लोगों के बिजली उपकरण क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, बल्कि राज्य सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन घटनाओं से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बन गया है, जहां ताड़, यूकेलिप्टस और अन्य ऊंचे पेड़ अधिक संख्या में हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई इलाकों में उचित “अर्थिंग” की कमी और छतों पर लगाए जा रहे टावरों के कारण बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। सालानपुर के रूपनगर में कुछ दिन पहले एक दो मंजिला मकान पर बिजली गिरने से उसकी छत का हिस्सा टूट गया और बिजली की लपटें घर के भीतर प्रवेश कर गईं। नतीजतन, स्विच बोर्ड, पंखा, फ्रिज और टीवी पूरी तरह जल गए। सौभाग्यवश कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ।

इसी तरह, सालानपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में हाल ही में भारी बिजली गिरने से आठ से दस घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए। बुबाई चंद्रा, जो बिजली से जुड़े कार्यों में वर्षों से सक्रिय हैं, ने बताया कि उस दिन करीब 250 सर्किट किलोमीटर की बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई हिस्सों में तार जलकर टूट गए। इससे कई क्षेत्रों में 8 से 12 घंटे तक बिजली बाधित रही।
करीब 30 वर्षों से विद्युत रखरखाव कार्य में लगे ठेकेदार सब्यसाची रॉय ने कहा कि हाल के वर्षों में सालानपुर से लेकर आसनसोल तक बिजली गिरने की घटनाओं में स्पष्ट वृद्धि हुई है। वहीं एक पॉलिटेक्निक प्रोफेसर ने बताया कि बिजली के खंभों की उचित “अर्थिंग” नहीं की जाती, जिससे ये घटनाएं और गंभीर हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि पोर्सिलेन डिस्क की तुलना में पॉलीमर डिस्क में दरार का पता लगाना कठिन होता है, जिससे समय पर मरम्मत नहीं हो पाती।

इलेक्ट्रिक उपकरणों की मरम्मत से जुड़े विकास चक्रवर्ती ने कहा कि प्रत्येक घर में सही तकनीकी से अर्थिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, बिजली खंभों और ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि ऊंचे पेड़ों पर जब बिजली गिरती है, तो वह धीरे-धीरे जमीन के भीतर प्रवाहित होती है और बड़ी दूरी तक प्रभाव फैलाती है, जिससे जान का खतरा भी बना रहता है।
बिजली विभाग के एक इंजीनियर ने सलाह दी कि बिजली गिरने की संभावना वाले समय में सभी इलेक्ट्रिक उपकरणों को बंद कर देना चाहिए। मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, फ्रिज और सीसीटीवी सिस्टम जैसे उपकरणों को पूरी तरह डिस्कनेक्ट कर देना चाहिए। पंखा चालू होने पर उसमें आग लगने की आशंका रहती है।

राज्य विद्युत वितरण कंपनी के पश्चिम बर्दवान क्षेत्रीय प्रबंधक सोहेल हुसैन ने बताया कि विभाग द्वारा बिजली गिरने से रोकने के लिए लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए हैं और बिजली गिरने की स्थिति में त्वरित मरम्मत का प्रयास किया जाता है।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट संजय पाल ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इस विषय में बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।














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