
मुर्शिदाबाद : गंगा नदी पर स्थित महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय फरक्का बांध परियोजना पर सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार करना और आम जनता को आवश्यक आपातकालीन कदमों के प्रति जागरूक करना था। फरक्का बांध, जो उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच एकमात्र संपर्क मार्ग है, उसकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इस मॉक ड्रिल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राज्य पुलिस, खुफिया विभाग और स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। इस संयुक्त अभ्यास के माध्यम से सभी संबंधित विभागों ने यह सुनिश्चित किया कि वे किसी भी संकट की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया कर सकें। सुरक्षा अधिकारीयों ने प्रशिक्षण के दौरान संभावित खतरों से निपटने के लिए रणनीतियों को व्यावहारिक रूप से प्रस्तुत किया।

सीआईएसएफ के वरिष्ठ कमांडेंट मुकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में सीमा पर और देश के भीतर अप्रिय घटनाओं की संभावना बढ़ी है। इसलिए सभी सुरक्षा बलों को सतर्क और तत्पर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस मॉक ड्रिल के जरिये यह समझाया गया कि अगर फरक्का बांध पर कोई आकस्मिक या अप्रत्याशित घटना घटती है, तो किस प्रकार त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे मानव जीवन और संपत्ति की रक्षा हो सके।
फरक्का बांध परियोजना के महाप्रबंधक आरडी देशपांडे ने इस आयोजन का महत्व बताते हुए कहा कि फरक्का बांध न केवल जल संसाधन का नियंत्रण करता है, बल्कि यह उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच संचार और संपर्क का एकमात्र माध्यम भी है। इसलिए इसकी सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल में यह भी प्रदर्शित किया गया कि अचानक किसी भी आपात स्थिति में किस प्रकार प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान किया जा सकता है।

मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने संभावित खतरों के पूर्वानुमान, जोखिम प्रबंधन, आपातकालीन बचाव कार्य और स्थानीय लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। साथ ही, स्थानीय जनता को भी इस प्रकार की घटनाओं के दौरान अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।

यह अभ्यास दर्शाता है कि राज्य और केंद्र सरकार सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की जा सके। इस प्रकार के अभ्यास सुरक्षा बलों के कौशल और तत्परता को बढ़ाते हैं और जनता में भी सुरक्षा को लेकर जागरूकता उत्पन्न करते हैं।
इस आयोजन में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सुरक्षा कर्मी और स्थानीय लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस मॉक ड्रिल को अत्यंत उपयोगी और आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल सुरक्षा बल बल्कि आम जनता भी बेहतर तरीके से किसी भी आपात स्थिति का सामना कर सकती है।














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