
दुर्गापुर : दुर्गापुर स्थित सृजनी प्रेक्षागृह में आयोजित ‘सिनर्जी कमेटी’ की महत्वपूर्ण बैठक में पश्चिम बंगाल राज्य आईएनटीटीयूसी के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद ऋतव्रत बंद्योपाध्याय ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि अब कारखानों में नियुक्ति अथवा गेट पास के नाम पर किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप या नेतागीरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी नेता या नेत्री द्वारा कारखाना प्रबंधन पर अनावश्यक दबाव बनाना, अनुचित सिफारिश करना या अव्यवस्थित हस्तक्षेप करने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कर्मचारी नियुक्ति से जुड़े सभी निर्णय केवल हाल ही में गठित आईएनटीटीयूसी की कोर कमेटी के माध्यम से ही लिए जाएंगे। कोर कमेटी के बाहर किसी भी व्यक्ति की सिफारिश को संगठन मान्यता नहीं देगा, चाहे वह किसी भी स्तर का पार्टी नेता क्यों न हो। इस सख्त रुख से यह स्पष्ट संकेत गया कि अब उद्योग और श्रम मामलों में पारदर्शिता और अनुशासन का पालन आवश्यक होगा।

इस अवसर पर दुर्गापुर के विभिन्न सरकारी एवं निजी प्रतिष्ठानों के अधिकारी, पुलिस प्रशासन एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि हाल ही में सीपीएम से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए पंकज राय सरकार का संगठन में क्या स्थान है। इस पर ऋतव्रत बंद्योपाध्याय ने कहा कि वह वर्तमान में आईएनटीटीयूसी का हिस्सा नहीं हैं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि संगठन के भीतर अनुशासन का कड़ाई से पालन होगा।
इसी क्रम में उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गापुर सहित राज्य के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में नियुक्ति प्रक्रिया ‘कर्मसंस्थान पोर्टल’ के माध्यम से ही की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया में स्थानीय लोगों या भूमिपुत्रों को तरजीह देने की कोई अलग व्यवस्था नहीं की जाएगी, बल्कि सभी को एक समान अवसर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य के ग्राम विकास एवं पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सरकार राज्य के औद्योगिक विकास एवं व्यापक रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को दुर्गापुर के कारखानों में अधिक अवसर मिल सके, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष एवं विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने औद्योगिक विकास के साथ-साथ दुर्गापुर की पर्यावरणीय चुनौतियों पर भी चिंता जताई और सभी को सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों की प्रगति के साथ पर्यावरण संतुलन भी अत्यंत आवश्यक है।

आसनसोल-दुर्गापुर विकास परिषद के अध्यक्ष कबी दत्ता ने उद्योगपतियों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा उद्योग-श्रम संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। दुर्गापुर नगर निगम की मुख्य प्रशासक अनिंदिता मुखोपाध्याय ने दिवंगत श्रमिक नेताओं आनंद गोपाल मुखोपाध्याय और लावण्य गोपाल घटक का स्मरण करते हुए कहा कि दुर्गापुर की खोई हुई प्रतिष्ठा को लौटाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में जिलाधिकारी एस. पोंनंबलम, पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार चौधरी, डिप्टी कमिश्नर अभिषेक गुप्ता तथा वन विभाग एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने औद्योगिक विकास, श्रमिक कल्याण एवं नियोजन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूर्ण प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कुल मिलाकर, इस बैठक के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से गया कि अब उद्योगों में नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता, अनुशासन और नीति-आधारित प्रक्रिया ही सर्वोपरि होगी, और राजनीतिक हस्तक्षेप या अनुचित दबाव को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।














Users Today : 43
Users Yesterday : 14