
दुर्गापुर : कांकसा थाना क्षेत्र के पानागढ़ दार्जिलिंग मोड़ स्थित एक रेस्टोरेंट में रविवार को झाड़-फूंक और दुर्लभ रोगों के इलाज के नाम पर चल रही कथित ठगी को लेकर भीषण विवाद उत्पन्न हो गया। स्थानीय युवकों द्वारा इसे अंधविश्वास बताकर विरोध किए जाने पर मामला देखते ही देखते बवाल, मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट परिसर में हर रविवार को दूर-दराज से लोग कथित “दुर्लभ रोगों” के इलाज हेतु एकत्रित होते थे। इसी क्रम में बीते रविवार कुछ स्थानीय युवकों ने इसे ठगी और अंधश्रद्धा करार देते हुए विरोध जताया। इसका विरोध कर रहे युवकों और आयोजकों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। भीड़ के उग्र हो जाने के कारण रेस्टोरेंट के अंदर जमकर तोड़फोड़ हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। अफरा-तफरी की स्थिति में कई लोग घायल भी हुए।

सूचना मिलते ही कांकसा थाना की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को बाहर निकालते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की तत्परता से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका टल गई। रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि रेस्टोरेंट का एक भाग किराए पर दिया गया था और वहां चल रही गतिविधियों की उन्हें जानकारी नहीं थी।

घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद भाजपा की सोची-समझी साजिश है। उनका कहना है कि यदि किसी को किसी कार्य से आपत्ति हो तो वह प्रशासन से शिकायत कर सकता है, किंतु हिंसक विरोध उचित नहीं। वहीं भाजपा नेताओं ने इसे तृणमूल की प्रशासनिक विफलता बताया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमन शर्मा ने कहा कि गरीबों को झाड़-फूंक के बहाने बरगलाया जा रहा था, और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
पुलिस ने घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और रेस्टोरेंट परिसर के बाहर अतिरिक्त बल की तैनाती कर दी गई है।














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