
आसनसोल : शहर में लंबे समय से प्रतीक्षित अतिक्रमण हटाओ अभियान एक बार फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। गुरुवार को प्रशासन द्वारा इस अभियान को लेकर सख्त और सुनियोजित कार्रवाई की तैयारी की गई थी। माइकिंग के माध्यम से दुकानदारों को अग्रिम सूचना भी दे दी गई थी, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इस बार कार्रवाई प्रभावशाली और निर्णायक होगी। लेकिन ऐन वक्त पर अभियान को स्थगित कर दिए जाने से न केवल स्थानीय नागरिकों को निराशा हुई, बल्कि प्रशासन की मंशा पर भी सवाल उठने लगे हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हट्टन रोड इलाके के दुकानदारों ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी, ताकि वे स्वयं अपने अतिक्रमण को हटा सकें। मेयर बिधान उपाध्याय ने बताया कि दुकानदारों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएंगे और इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। इसलिए प्रशासन ने फिलहाल अभियान को स्थगित रखने का निर्णय लिया है।
हालांकि शहरवासियों का मानना है कि यह निर्णय राजनीतिक दबाव के कारण लिया गया है। सोशल मीडिया पर भी नागरिकों ने पहले ही आशंका जताई थी कि अतिक्रमण हटाओ अभियान चुनावी समीकरणों या अन्य राजनीतिक दबाव के कारण एक बार फिर अधर में लटक सकता है। यह आशंका अब सच्चाई में बदल गई है, जिससे आम जनता में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय व्यापारियों और नागरिक संगठनों का कहना है कि प्रशासन को अतिक्रमण के मुद्दे पर दो टूक नीति अपनानी चाहिए। जब पहले ही दुकानदारों को कई बार चेतावनी दी जा चुकी है और अभियान की तिथि तय हो चुकी थी, तो अचानक निर्णय बदल देना न केवल भ्रम की स्थिति पैदा करता है, बल्कि प्रशासन की साख को भी प्रभावित करता है।
उल्लेखनीय है कि हट्टन रोड, जीटी रोड सहित कई प्रमुख स्थानों पर फुटपाथ और सड़क के किनारे अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। आम राहगीरों और दुकानदारों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

इस बीच, कुछ दुकानदारों ने स्वयं अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है, जिसे मेयर ने सकारात्मक कदम बताया। लेकिन नागरिक यह जानना चाहते हैं कि क्या वास्तव में यह कार्य सभी दुकानदार समय पर और प्रभावी तरीके से करेंगे?
अब देखना यह है कि प्रशासन द्वारा दी गई यह मोहलत कितनी कारगर साबित होती है और अतिक्रमण मुक्त शहर का सपना कब साकार होता है। फिलहाल, शहर में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।














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