
आसनसोल : हटन रोड को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए आसनसोल नगर निगम द्वारा गुरुवार को चलाया जाने वाला अभियान अचानक स्थगित कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भ्रम और नाराजगी का माहौल बन गया है। इस निर्णय के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को घेरा है। भाजपा की दक्षिण आसनसोल की विधायक अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट आरोप लगाया कि नगर निगम की निष्क्रियता के पीछे टीएमसी की अंदरूनी गुटबाजी और सत्ता संघर्ष है।

उन्होंने कहा कि यह मामला मंत्री मलय घटक और मेयर विधान उपाध्याय के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हटन रोड एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो जिला अस्पताल समेत कई जरूरी स्थानों से जुड़ा हुआ है। वहां वर्षों से अतिक्रमणकारियों द्वारा किए गए कब्जे के कारण राहगीरों और वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि जब नगर निगम ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अतिक्रमण हटाया जाएगा, तब लोगों के मन में आशा जगी थी कि शायद इस बार प्रशासन कुछ ठोस कदम उठाएगा। लेकिन अभियान के ऐन मौके पर स्थगन ने साफ कर दिया कि यह सब महज दिखावा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अवैध दुकानें हटाई जानी थीं, तो अवैध रूप से बने टीएमसी पार्टी कार्यालयों को लेकर चुप्पी क्यों साधी गई है?

उन्होंने आरोप लगाया कि इन अवैध दुकानों से मिलने वाला पैसा टीएमसी नेताओं की जेब में जाता है, यही कारण है कि पार्टी का कोई भी नेता इस मुद्दे पर बोलने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में ममता बनर्जी के शासनकाल में गली-गली में अवैध दुकानों की बाढ़ आ गई है, और इसके पीछे एक सुव्यवस्थित राजनीतिक संरक्षण है।
स्थानीय जनता ने भी इस निर्णय पर निराशा जताई है और मांग की है कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से अतिक्रमण हटाने का कार्य करे और राजनीतिक दबावों में आकर निर्णय न ले। अब देखना यह होगा कि नगर निगम वाकई कोई ठोस कदम उठाता है या यह मामला फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तक ही सीमित रह जाएगा।














Users Today : 0
Users Yesterday : 46