
पांडवेश्वर : पांडवेश्वर प्रखंड के हरिपुर गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में अचानक भू-धंसान की घटना से विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस अप्रत्याशित घटना से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में भय का माहौल उत्पन्न हो गया। गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार से ही विद्यालयों में नियमित कक्षाएं आरंभ हुई थीं, लेकिन इस घटना ने फिर से छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार, कक्षाएं सामान्य रूप से चल रही थीं, तभी विद्यालय कार्यालय के ठीक सामने की भूमि अचानक धंस गई।

मिट्टी के धंसने से एक गहरा और बड़ा गड्ढा बन गया, जिससे बच्चे डर के मारे चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे। शिक्षकों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर स्थिति को संभाला।घटना की सूचना मिलते ही ईसीएल की हरिपुर कोलियरी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और भू-धंसान वाले क्षेत्र को तत्काल घेराबंदी कर चिन्हित किया गया ताकि कोई अनहोनी न हो। शिक्षिका सुजाता शील ने बताया कि विद्यालय के ठीक सामने ईसीएल की कोयला खदान स्थित है और यह क्षेत्र भू-धंसान के लिहाज से पहले से ही अति संवेदनशील माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष भूमिगत विस्फोट के कारण विद्यालय भवन की दीवारों में दरारें आ गई थीं, जिसकी जानकारी कोलियरी प्रबंधन को दी गई थी।उसके बाद ईसीएल प्रबंधन द्वारा विद्यालय भवन का निरीक्षण कर उसे समतल करने का प्रयास किया गया था। सुजाता शील ने यह भी बताया कि विद्यालय से थोड़ी दूरी पर एक वैकल्पिक विद्यालय भवन तैयार किया गया है, जहां जल्द ही शिक्षण कार्य आरंभ करने की योजना है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक कक्षाएं सुरक्षित स्थान पर ही संचालित की जाएं।प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन ने आश्वस्त किया है कि भू-धंसान के कारणों की जांच की जा रही है और आगे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।














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