
आसनसोल : आसनसोल रामकृष्ण मिशन विद्यालय के नौवीं कक्षा के छात्र सुदीप माझी की आत्महत्या के पीछे एक भयावह ब्लैकमेलिंग रैकेट का खुलासा हुआ है, जिससे शहर में सनसनी फैल गई है। मृतक छात्र के परिजनों का आरोप है कि एक युवक ने पहले सुदीप का यौन उत्पीड़न किया, फिर उसकी अश्लील तस्वीरें खींचकर उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर लगातार पैसे ऐंठता रहा। इसी मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक अपमान के डर से सुदीप ने कथित रूप से आत्महत्या जैसा चरम कदम उठाया।घटना 29 मई को प्रकाश में आई जब सुदीप माझी का शव उसके घर में फंदे से लटका हुआ मिला। पहले तो यह एक सामान्य आत्महत्या का मामला प्रतीत हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों में जब परिजनों ने छात्र के दोस्तों और उसके मोबाइल फोन की जानकारी खंगाली, तो इस आत्महत्या के पीछे की क्रूर सच्चाई सामने आई।मृतक की मां चंद्रबली देवी ने प्रेस से बात करते हुए बताया कि जनवरी 2024 में आसनसोल के कसाईमहल इलाके का निवासी इमरान शेख नामक युवक सुदीप को जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गया था। रास्ते में, उसने सुदीप के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया और उस पूरी घटना की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लीं।

इसके बाद इमरान ने इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर सुदीप से पैसे वसूलने शुरू कर दिए। शिकायत के अनुसार, आरोपी इमरान सुदीप को इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और मोबाइल कॉल्स के माध्यम से ब्लैकमेल करता रहा और उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़कर रख दिया। परिवार का कहना है कि जब सुदीप के पास पैसे खत्म हो गए और वह मानसिक रूप से पूरी तरह थक चुका था, तब उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।सुदीप की मां ने पुलिस में स्पष्ट शब्दों में कहा कि “यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। मेरे बेटे को ब्लैकमेल करके उसकी आत्मा को कुचला गया और उसे जीते जी मार दिया गया।”

मृतक छात्र के दोस्तों ने भी इस ब्लैकमेलिंग की पुष्टि की है। पुलिस को सुदीप के मोबाइल में इंस्टाग्राम चैट और कॉल रिकॉर्डिंग से कई सबूत प्राप्त हुए हैं, जिनमें इमरान की धमकियों और पैसों की मांगों का स्पष्ट उल्लेख है।घटना की गंभीरता को देखते हुए आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने एक विशेष जांच टीम गठित की है और आरोपी इमरान शेख की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इमरान वर्तमान में फरार है और उसके मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रैक करने का प्रयास जारी है।सुदीप एक मेधावी छात्र था, जो रामकृष्ण मिशन विद्यालय में पढ़ता था और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहा करता था। उसकी आत्महत्या ने पूरे विद्यालय और इलाके को स्तब्ध कर दिया है। विद्यालय प्रशासन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।मानवाधिकार संगठनों और बाल संरक्षण आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और प्रशासन से शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना एक बड़े खतरे की ओर इशारा करती है, जिसमें किशोरों को डिजिटल माध्यमों से ब्लैकमेल करके उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।इस हृदयविदारक घटना ने आसनसोल ही नहीं, पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध किस प्रकार निर्दोष जीवन को निगल रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सुदीप को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।














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