Breaking News
नियामतपुर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सात आरोपी गिरफ्तार, छह मोबाइल और दो बाइक बरामद लछीपुर में ग्राहकों से कथित लूट और मारपीट, पुलिस छापेमारी में दुकान बंद, आरोपियों की तलाश जारी चित्तरंजन के बंद रेलवे आवास में मानव कंकाल मिलने से सनसनी, लापता रेलकर्मी से जुड़ने की आशंका आसनसोल भाजपा संगठन में फेरबदल, दो जिला महासचिव बदले, नई जिम्मेदारियों से संगठन को गति देने की तैयारी पांडवेश्वर में आज उद्योग एवं निवेश सम्मेलन, निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर होगा मंथन कुल्टी में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण, बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की मंत्री ने ली जानकारी

दुर्लभ एपेंडिक्स कैंसर से जंग जीतकर घर लौटी 71 वर्षीया महिला

Facebook
Twitter
WhatsApp

IMG 20250401 WA0024

दुर्गापुर :  चिकित्सा विज्ञान ने एक बार फिर जीवन के लिए संघर्ष कर रहे रोगी के पक्ष में विजय हासिल की। दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में 71 वर्षीय वृद्धा ने एक अत्यंत दुर्लभ किस्म के कैंसर को मात देकर जीवन की नई शुरुआत की है। यह रोग “लो ग्रेड एपेंडिसियल म्यूकिनस नियोप्लाज्म” (Low Grade Appendiceal Mucinous Neoplasm) के नाम से जाना जाता है, जो दुनिया भर में 5 लाख में মাত্র एक व्यक्ति को होता है।

पिछले वर्ष अक्टूबर माह में महिला को पेट में सूजन, असहनीय दर्द, और कमजोरी की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय जांच में पाया गया कि उनके पेट में लगभग 20 लीटर जेली जैसे द्रव से भरा हुआ है, जिससे उनका रक्तचाप और नाड़ी दर खतरनाक रूप से गिर रही थी। परिस्थिति गंभीर थी और किसी भी पल जान जाने का खतरा था।

IMG 20250511 WA0050

मामले की गंभीरता को समझते हुए मिशन अस्पताल के वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रोबोटिक सर्जन डॉ. अर्णब चक्रवर्ती ने उसी दिन तत्काल शल्यचिकित्सा का निर्णय लिया। लगभग पाँच घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में डॉक्टरों की टीम ने “राइट हेमीकोलेक्टॉमी विथ लिमिटेड पेरिटोनक्टॉमी” (Right Hemicolectomy with Limited Peritonectomy) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस दौरान महिला की लगभग डेढ़ फुट लंबी आँत (बॉवेल) को काटकर हटाया गया, क्योंकि वह पूरी तरह संक्रमित हो चुकी थी।

ऑपरेशन के बाद बायोप्सी रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला अत्यंत दुर्लभ “लो ग्रेड एपेंडिसियल म्यूकिनस नियोप्लाज्म” नामक कैंसर से पीड़ित थीं। यह बीमारी इतनी असामान्य है कि इसके उपचार के लिए कीमोथेरेपी की स्पष्ट रूपरेखा तक उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद महिला ने असाधारण साहस दिखाया। ऑपरेशन के पश्चात वह शीघ्र स्वस्थ होने लगीं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका कीमोथेरेपी उपचार आरंभ किया गया।

IMG 20240918 WA0025

डॉ. चक्रवर्ती ने बताया कि महिला का दूसरा और अंतिम ऑपरेशन भी सफल रहा और सभी आवश्यक परीक्षणों से यह पुष्टि हुई कि अब उनके शरीर में कैंसर का कोई भी चिह्न शेष नहीं है। वह पूरी तरह कैंसर मुक्त हो चुकी हैं और स्वास्थ्य लाभ लेकर अपने घर लौट गई हैं।

इस अद्भुत सफलता के पीछे मिशन अस्पताल की कुशल चिकित्सा व्यवस्था और टीमवर्क को श्रेय दिया जा रहा है। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सत्यजीत बोस के मार्गदर्शन और सतत प्रयासों ने इस प्रकार की जटिल बीमारियों के उपचार को संभव बनाया है। अस्पताल की समर्पित चिकित्सक टीम, प्रशिक्षित स्टाफ नर्सें, और तकनीकी कर्मियों के सहयोग से यह मील का पत्थर संभव हुआ है।

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

डॉ. चक्रवर्ती ने कहा, “कैंसर एक जानलेवा बीमारी अवश्य है, लेकिन यदि इसे शुरुआती चरण में ही पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाए, तो 90 प्रतिशत मामलों में इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।” उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी असामान्य शारीरिक लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लें।

महिला का यह संघर्ष और विजय न केवल चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धि है, बल्कि कैंसर पीड़ितों के लिए आशा की किरण भी। यह घटना यह साबित करती है कि समय पर इलाज, सकारात्मक सोच और चिकित्सकों की प्रतिबद्धता किसी भी असंभव को संभव बना सकती है।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 3 4 8 1
Users Today : 28
Users Yesterday : 48