
आसनसोल : देश में एक बार फिर कोविड-19 मामलों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने स्वास्थ्य तंत्र और अस्पतालों को सतर्क कर दिया है। भले ही संक्रमितों की संख्या अभी कम हो, लेकिन इसके बावजूद अस्पतालों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इससे एक बार फिर महामारी के शुरुआती दिनों की एहतियात याद आ रही है।स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 19 मई 2025 तक देश में कुल सक्रिय कोविड मामलों की संख्या 257 हो चुकी है, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 164 अधिक है। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और अधिकांश मरीजों में केवल हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। फिर भी, देशभर के निजी अस्पतालों ने सतर्कता बरतते हुए संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल को पुनः सक्रिय कर दिया है।

कोलकाता स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स के अंतर्गत आने वाले CMRI अस्पताल ने कोविड के नए वेरिएंट्स को देखते हुए विशेष कदम उठाए हैं। अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अरुप हलदर के अनुसार, “हमने ऑक्सीजन युक्त बेड्स चिन्हित कर लिए हैं, साथ ही पीपीई किट्स, ऑक्सीजन सिलेंडर और एंटीवायरल दवाइयों का स्टॉक चेक किया गया है।” इमरजेंसी और ओपीडी विभागों में स्क्रीनिंग प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया गया है।हल्के लक्षणों वाले मरीजों को घर पर ही आइसोलेशन में रहने और ऑक्सीजन स्तर की निगरानी करने की सलाह दी जा रही है। गंभीर स्थिति में ही चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता बताई जा रही है। बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले मरीजों के लिए बूस्टर वैक्सीन की अनुशंसा की गई है।

मौजूदा कोविड वेरिएंट्स में JN.1 और इसके उप-प्रकार LF.7 और NB1.8 शामिल हैं। ये वेरिएंट्स तेजी से फैलते हैं लेकिन इनकी गंभीरता पहले की तुलना में कम पाई गई है।पुणे स्थित रूबी हॉल क्लिनिक में अभी मामलों में कोई बड़ी वृद्धि नहीं देखी गई है, लेकिन अस्पताल ने 10–12 आइसोलेशन बेड्स तैयार रखे हैं और कोविड टेस्टिंग की पूरी सुविधा मौजूद है। मेडिकल डायरेक्टर डॉ. प्रसाद मुगलीकर ने बताया कि अस्पताल किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल की ग्रुप सीईओ डॉ. तरंग ज्ञानचंदानी ने कहा, “हमने हैंड हाइजीन, क्वारंटीन नीति, इन्फेक्शन कंट्रोल जैसे सभी उपाय दोबारा लागू कर दिए हैं। नेगेटिव प्रेशर आइसोलेशन बेड्स भी बढ़ाए गए हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नया वेरिएंट अब तक गंभीर जटिलताओं का कारण नहीं बना है।महाराष्ट्र में अब तक 33 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से केवल दो मरीज गंभीर अवस्था में हैं, जिन्हें पहले से किडनी संबंधी बीमारियां थीं। राज्य सरकार ने आमजन से घबराने के बजाय सतर्कता बरतने की अपील की है।तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भी हल्के मामलों की पुष्टि हुई है। तमिलनाडु में 66, केरल में 182 और कर्नाटक में 13 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें भी अधिकांश मरीजों में लक्षण बहुत हल्के हैं।राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विभागों ने भी परीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

आईएलआई और एसएआरआई जैसे लक्षणों वाले मरीजों की नियमित जांच की जा रही है, ताकि संक्रमण का शीघ्र पता चल सके और उसे रोका जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अभी तक कोई नई वैश्विक सलाह जारी नहीं की है, लेकिन एशिया के कुछ हिस्सों जैसे सिंगापुर, थाईलैंड और हॉन्गकॉन्ग में नए ओमिक्रॉन उप-संस्करणों का फैलाव देखा गया है। भारत में कोविड की स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिकों से संयम और सतर्कता की अपेक्षा की जा रही है। मास्क, स्वच्छता और सामाजिक दूरी जैसे पुराने नियमों का पालन अब भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है।














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