
रानीगंज : रानीगंज से सटे बक्तानगर रेलगेट के निकट स्थित प्राचीन काली मंदिर में हुई चोरी की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। अज्ञात चोरों ने मंदिर का मुख्य द्वार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दान पेटी, इंडक्शन चूल्हा सहित अन्य आवश्यक वस्तुएँ चुरा लीं। यह घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जिसका खुलासा शनिवार सुबह हुआ।
मंदिर के सेवादार राजकुमार राम और रविंद्र खां ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर पहले भी साल 2023 में चोरी की घटना का शिकार हो चुका है। उन्होंने बताया कि जब वे सुबह मंदिर पहुँचे तो देखा कि मुख्य द्वार टूटा हुआ था, मंदिर परिसर का सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था और दान पेटी पूरी तरह से गायब थी। दान पेटी में भक्तों द्वारा अर्पित नकद राशि और चढ़ावा सुरक्षित रखा जाता था, जो अब चोरी हो गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायज़ा लिया। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। चोरों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर जांच तेज़ कर दी गई है।
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश और चिंता व्याप्त है। लोगों ने कहा कि यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि आस्था पर हमला है। बार-बार हो रही इस प्रकार की घटनाओं से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। श्रद्धालुओं की मांग है कि प्रशासन मंदिरों में रात्रीकालीन सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति करे और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।

मंदिर समिति ने भी इस विषय पर पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो जन आंदोलन का रूप भी लिया जा सकता है।
पुनः चोरी की घटना ने मंदिर प्रबंधन, पुलिस व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर नवीन चिंतन की आवश्यकता को उजागर किया है।














Users Today : 37
Users Yesterday : 14