
आसनसोल : दिल्ली पुलिस ने बर्दवान में छापेमारी कर जामताड़ा गैंग के तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये लोग धोखाधड़ी के आरोप में फंसे हैं और बंगाल में शरण लिए थे। यह कार्रवाई साइबर अपराध विभाग ने की है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की साइबर विंग ने बर्दवान के आलमगंज क्षेत्र में किराए के मकान से रवि मंडल, रमेश कुमार मंडल और महेंद्र कुमार मंडल को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी झारखंड के रहने वाले हैं और जामताड़ा गिरोह के करमाटांड मंडल मॉड्यूल के प्रमुख सरगना बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि ये गिरोह डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी करता था और उसी की जांच के तहत ये गिरफ्तारी हुई है।

दिल्ली के दक्षिण पश्चिम जिला साइबर अपराध थाने में 12 मई को दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, एक व्यक्ति ने खुद को जल बोर्ड कर्मचारी बताकर 38,161 रुपये की ठगी की थी। इस मामले में FIR संख्या 27/25 दर्ज की गई थी। इस धोखाधड़ी की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की चार सदस्यीय टीम कोलकाता पहुंची। प्रारंभिक जांच में न्यू टाउन इलाके में छापेमारी की गई, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला।
इसके बाद विशेष सूचना के आधार पर टीम ने बर्दवान के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 के किनारे बसे शरीफनगर इलाके में छापा मारा। वहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, 26 सिम कार्ड, एक स्मार्ट डिवाइस और लगभग 40,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने बर्दवान अदालत में उनकी ट्रांजिट रिमांड की मांग भी की है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस बड़ी कार्रवाई को लेकर सतर्क हैं। इस घटना से पता चला कि जामताड़ा गैंग के सदस्य अपने आपराधिक कार्यों को अंजाम देने के लिए बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा, यह घटना यह भी उजागर करती है कि कैसे साइबर अपराध के जाल में फंसने वाले लोग विभिन्न जगहों पर छिपे रहते हैं।

जामताड़ा गिरोह के इन सदस्यों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराध और धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश गया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराध के मामलों में जांच तेजी से और प्रभावी ढंग से की जा रही है, जिससे अपराधी अब सुरक्षित नहीं रह सकते। आसनसोल और बर्दवान के लोग पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे भी ऐसी प्रभावी कार्रवाई होती रहेगी।
यह मामला डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराध की बढ़ती समस्या पर चिंता जताता है और प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है। पुलिस ने कहा है कि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।














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