
आसनसोल : बाराबनी ग्राम पंचायत क्षेत्र अंतर्गत काठालतला इलाके में शुक्रवार शाम पुलिस ने एक 35 वर्षीय युवक सफर अंसारी को गिरफ्तार किया, जिस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भारत विरोधी सामग्री साझा करने का आरोप है। पुलिस ने देशद्रोह से संबंधित गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए आईटी एक्ट और देशद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और शनिवार को उसे आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सफर अंसारी बीते कुछ दिनों से अपने फेसबुक पेज पर ऐसे पोस्ट डाल रहा था, जिनमें देश विरोधी भावना झलकती थी और जिनका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को भंग करना हो सकता था। इस संबंध में कुछ स्थानीय नागरिकों ने बाराबनी थाना पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
घटना के सामने आने के बाद स्थानीय मुस्लिम समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं हजारा मुस्लिम समाज कमेटी के अध्यक्ष कैमुद्दीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस्लाम धर्म की शिक्षाओं के अनुसार, एक मुसलमान को उस देश के प्रति पूरी निष्ठा रखनी चाहिए, जहां वह रहता है। उन्होंने कहा, “इस्लाम कभी भी देशविरोधी सोच का समर्थन नहीं करता। ऐसे व्यक्ति जो अपने ही देश के विरुद्ध कार्य करते हैं, वे इस्लाम की मूल शिक्षाओं और सिद्धांतों के भी विरुद्ध कार्य कर रहे हैं।”

कैमुद्दीन ने यह भी दोहराया कि भारत मुसलमानों का भी देश है, और इसकी रक्षा की जिम्मेदारी मुसलमानों की भी उतनी ही है, जितनी किसी अन्य नागरिक की। उन्होंने देश को मज़बूत बनाने की दिशा में मुस्लिम समाज की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “मुसलमानों ने हमेशा अपने खून से इस देश की रक्षा की है और भविष्य में भी करते रहेंगे।”
हालांकि, उन्होंने यह भी चिंता जताई कि कुछ गिने-चुने लोगों की गलत हरकतों की वजह से पूरे मुस्लिम समुदाय को संदेह की दृष्टि से देखना निंदनीय और अनुचित है। “ऐसे कृत्य करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उनके आधार पर पूरे समाज को कलंकित करना अनुचित है,” उन्होंने कहा।
इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय नागरिकों ने भी एक स्वर में विरोध जताया और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि ऐसे व्यक्ति समाज में जहर घोलते हैं और आपसी सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं।

पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट की पूरी डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि समाज में अशांति फैलाने वाली किसी भी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन द्वारा दिए गए संकेतों के अनुसार, भविष्य में सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सख्त नीति अपनाने की योजना है ताकि देशविरोधी प्रचार को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके और सांप्रदायिक सौहार्द और एकता को बनाए रखा जा सके।














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