
जामुड़िया : कोयला परिवहन के नाम पर चल रहे काले कारोबार का एक और मामला सामने आया है। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के अंतर्गत संचालित एसएसआई नीघा ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) से कोयले की चोरी और उसमें बैंड पत्थर तथा शेल मिलाने की घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत जमुड़िया थाना अंतर्गत श्रीपुर फाड़ी में दर्ज की गई है।
एसएसआई नीघा ओसीपी प्रबंधन ने वाहन चालक रतिकांत जमादार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया है कि 6 जून को कोयला लोड कर एक ट्रक संख्या डब्ल्यूबी 39सी 2377 नीघा ओसीपी पैच से रवाना हुआ था। यह वाहन रतिकांत जमादार चला रहा था, जिसे एमएस साइडिंग तक कोयला पहुंचाना था। वाहन सुबह 9:26 पर ओसीपी से रवाना हुआ और 9:43 पर रानीसाएर मोड़ पर देखा गया। लेकिन एमएस साइडिंग तक पहुंचने में उसे असामान्य रूप से अधिक समय यानी 10:47 बज गए।
जब एमएस साइडिंग पर गाड़ी से कोयला उतारा जाने लगा तो वहां मौजूद अधिकारियों को कोयले में पत्थर और बैंड शेल की मिलावट नजर आई। इसकी सूचना मिलते ही मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि ट्रक के जीपीएस सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की गई थी। यानी जानबूझकर जीपीएस को अस्थायी रूप से बंद कर या गड़बड़ कर ट्रक को निर्धारित मार्ग से अन्यत्र ले जाया गया।

इस जीपीएस हेराफेरी से यह संकेत मिला कि बीच रास्ते में कोयले की अदला-बदली की गई और उसमें मिलावट कर वैध साइडिंग पर गिराया गया। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो गया कि यह मामला संगठित कोयला चोरी और अवैध कोयला व्यापार से जुड़ा हुआ है।
ईसीएल प्रबंधन ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध बताते हुए पुलिस से मामले की गहराई से जांच की मांग की है। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि इस घटना से जुड़े सभी व्यक्तियों और पीछे की साजिश का भी खुलासा किया जाए, ताकि कोलफील्ड क्षेत्र में हो रहे इस प्रकार के सुनियोजित काले कारोबार पर रोक लगाई जा सके।

गौरतलब है कि इससे पहले भी सातग्राम-श्रीपुर क्षेत्र में कोयला चोरी और नकली डंपरों के जरिये बैंड पत्थर मिलाकर कोयला सप्लाई की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन जीपीएस सिस्टम से छेड़छाड़ कर चोरी को अंजाम देना, चोरी के इस धंधे को और भी तकनीकी बना रहा है।
स्थानीय नागरिकों और कोलफील्ड कर्मचारियों में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। सभी की नजर अब इस बात पर है कि क्या पुलिस और ईसीएल प्रबंधन इस मामले को उदाहरण बनाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।














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