Breaking News
आसनसोल में अमृत योजना की खामियां दूर होंगी, 15 अगस्त तक संशोधित प्रारूप, मार्च 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य दुर्गापुर की परित्यक्त ईंट भट्ठी में 48 लाख रुपये मिले, चोरी की जांच से खुला नकदी का रहस्य, पुलिस जुटी पड़ताल में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 122 किलो गांजा बरामद, मुख्य आपूर्तिकर्ता गिरफ्तार आसनसोल में निर्यात संवर्धन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर मंथन बाराबनी पंचायत समिति का कामकाज ठप, 13 सदस्यों के त्यागपत्र के बाद विकास योजनाओं पर लगा विराम राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार और पेयजल योजनाओं पर दिल्ली में मंथन, मंत्री अजय पोद्दार की अहम बैठकों पर निगाहें

आदिवासी प्रोफेसर के समर्थन में रानीगंज में उग्र प्रदर्शन

Facebook
Twitter
WhatsApp

IMG 20250401 WA0024

IMG 20250526 WA0099

रानीगंज :  रानीगंज के टीडीबी कॉलेज के प्रोफेसर पार्सल किस्कू के खिलाफ लगाए गए कथित झूठे आरोपों और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में सोमवार को आदिवासी संगठनों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। दिशम आदिवासी गावता और पश्चिम बंग आदिवासी कल्याण समिति के आह्वान पर आयोजित इस विशाल विरोध रैली में सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने भाग लिया।

IMG 20250511 WA0050

प्रदर्शनकारियों का जुलूस रानीगंज रेलवे स्टेशन से शुरू होकर एनएसबी रोड होते हुए रानीगंज थाना पहुंचा। इस दौरान पूरे मार्ग पर आदिवासी झंडों, पारंपरिक परिधानों और नारेबाजी के साथ प्रदर्शनकारियों का उत्साह चरम पर था। रैली में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन को और सशक्त बना दिया। जैसे ही जुलूस थाना पहुंचा, वहां जोरदार प्रदर्शन शुरू हुआ और ‘न्याय चाहिए’ के नारे गूंजने लगे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रोफेसर किस्कू को झूठे आरोपों के जरिए मानसिक प्रताड़ना दी गई, जो न केवल एक शिक्षाविद् का अपमान है बल्कि आदिवासी समाज की गरिमा पर भी चोट है। आदिवासी नेता मनोज मांडी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह घटना आदिवासी समाज के आत्मसम्मान पर हमला है। हम इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक प्रोफेसर किस्कू को न्याय नहीं मिलेगा, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”

IMG 20240918 WA0025

उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मामले में लीपापोती की गई तो आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है।

इस बड़े विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने रानीगंज थाना परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। बड़ी संख्या में पुलिस बल और कॉम्बैट फोर्स की तैनाती कर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी की गई थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए रानीगंज शहर में ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

हालांकि, पुलिस की सतर्कता और आंदोलनकारियों की संयमित भागीदारी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। थाने पर एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि वे तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक उन्हें संतोषजनक न्याय नहीं मिल जाता।

यह प्रदर्शन न केवल प्रोफेसर किस्कू के प्रति समर्थन का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आदिवासी समाज अब अपने अधिकार और सम्मान के लिए एकजुट होकर आवाज़ उठाने को तैयार है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस मामले को कितनी संवेदनशीलता और निष्पक्षता से सुलझाता है।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 8 2 3
Users Today : 44
Users Yesterday : 14