
मुर्शिदाबाद : बेलडांगा थाना अंतर्गत सारगाछी इलाके में एक फर्जी ग्राफिक डिजाइन प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ी ठगी के मामले ने सनसनी फैला दी। बेलडांगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह जिले के विभिन्न हिस्सों में एजेंट नियुक्त कर बेरोजगार युवकों से ठगी का धंधा चला रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभियुक्तों ने सारगाछी में एक कार्यालय खोलकर ग्राफिक डिजाइन सिखाने और कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके तहत वे प्रति युवक से ₹5,000 से ₹10,000 तक की राशि वसूलते थे। युवाओं को प्रशिक्षण देने और नौकरी दिलाने का वादा कर महीनों तक टालमटोल किया जाता था। पुलिस को अब तक 800 से अधिक ठगी के मामलों का सुराग मिला है।
जब ठगे गए युवकों में से कई लोग सारगाछी स्थित कार्यालय पहुंचे और अपने पैसे वापस मांगने लगे, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पीड़ितों ने अभियुक्तों को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची बेलडांगा पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बेलडांगा थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों को बहरमपुर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जांच के हित में आरोपितों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी गिरोह का जाल कहां-कहां फैला हुआ है और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्तों ने कई जिलों में एजेंटों की मदद से यह नेटवर्क खड़ा किया था।
स्थानीय लोगों और पीड़ित युवाओं ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और मांग की है कि दोषियों को कठोर दंड मिले। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी या प्रशिक्षण के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।














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