
आसनसोल : झारखंड और पश्चिम बंगाल में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश के चलते दामोदर घाटी निगम (DVC) ने अपने दो प्रमुख जलाशयों—मैथन डैम और पंचेत डैम—से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे दामोदर नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है और नदी किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।
डैम की स्थिति और ताजे आंकड़े (19 जून, सुबह 6 बजे तक) :मैथन डैम: जलस्तर 142.88 मीटर (468.77 फीट),इनफ्लो: 921 हेक्टेयर मीटर (7467 एकड़-फीट)आउटफ्लो: 4682 हेक्टेयर मीटर (37957 एकड़-फीट)पंचेत डैम: जलस्तर 122.60 मीटर (402.23 फीट),इनफ्लो: 2342 हेक्टेयर मीटर (18987 एकड़-फीट)आउटफ्लो: 4257 हेक्टेयर मीटर (34511 एकड़-फीट)इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारी बारिश के कारण डैम में पानी की आवक तेज़ हो रही है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पानी बाहर छोड़ा जा रहा है।

दो दिनों से लगातार छोड़ा जा रहा है पानी
DVC ने बताया कि पिछले दो दिनों में मैथन और पंचेत डैम से लगभग 35,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गुरुवार को फिर से मैथन डैम से 19,000 क्यूसेक और पंचेत डैम से 17,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे दामोदर नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ गया है।
प्रशासन सतर्क, लगातार निगरानी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन के मुताबिक, नदी किनारे बसे निचले इलाकों जैसे—बर्नपुर, सिजुआ, कुल्टी, नियामतपुर, रानीगंज, और रूपनारायणपुर में बाढ़ की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। सभी थानों और नगर निकायों को अलर्ट पर रखा गया है।

बचाव तैयारियां और अलर्ट मोड
प्रशासन ने सभी बाढ़ संभावित इलाकों में आपदा राहत टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। अस्थायी राहत शिविरों, नावों, पेयजल, और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जलस्तर में किसी भी असामान्य बढ़ोतरी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। किसी भी परिस्थिति में अफवाहों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।बारिश के कारण डैम में जलस्तर की निरंतर वृद्धि और उसके चलते छोड़े गए पानी ने खतरे की घंटी बजा दी है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, लेकिन नागरिकों की सजगता और सहयोग से ही किसी संभावित आपदा से बचा जा सकता है।














Users Today : 6
Users Yesterday : 14