
आसनसोल : राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दीघा में भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के उपरांत, भगवान जगन्नाथ देव के सभी भक्तों के घरों तक प्रसाद पहुंचाने की विशेष परियोजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार राशन डीलरों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से प्रसाद का वितरण करवा रही है।
इस क्रम में आसनसोल और आस-पास के क्षेत्रों में भी इस योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के पचगछिया ग्राम में जिला प्रशासन के नेतृत्व में एक विशेष वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला शासक पोन्नाबलम एस. स्वयं उपस्थित रहे। इस अवसर पर ग्राम प्रधान मनोरंजन बनर्जी, समाजसेवी नरेश अग्रवाल सहित कई स्थानीय गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
प्रसाद वितरण कार्यक्रम को आसनसोल नगर निगम के सहयोग से भी सुदृढ़ किया गया है। नगर निगम के बोरो 6 के चेयरमैन डॉ. देवाशीष सरकार के नेतृत्व में मोहिशीला कॉलोनी स्थित राशन डीलर तिलक लहरी की दुकान से इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

डॉ. देवाशीष सरकार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भावना है कि राज्य के प्रत्येक श्रद्धालु को भगवान श्री जगन्नाथ का पावन प्रसाद प्राप्त हो। इसी उद्देश्य से यह सामूहिक धार्मिक सेवा योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि मोहिशीला क्षेत्र के तिलक लहरी की राशन दुकान से शुरू हुए इस कार्यक्रम के अंतर्गत, सभी राशन कार्डधारकों को चरणबद्ध रूप से भगवान जगन्नाथ जी का प्रसाद दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रसाद वितरण कार्यक्रम को धार्मिक भावना, सामाजिक समरसता और राज्य सरकार की जनता-सेवा की भावना से जोड़ा गया है। राशन दुकान पर आने वाले नागरिकों को विशेष पैकेट में यह प्रसाद सौंपा जा रहा है, जिसे पाकर लोगों में अत्यंत आस्था और प्रसन्नता देखी गई।
स्थानीय नागरिकों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने पहली बार किसी धार्मिक आयोजन को आम लोगों तक इस तरह से पहुँचाया है, जिससे हर वर्ग और समुदाय के लोगों में एक आत्मीय जुड़ाव बना है।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों और अधिकारियों ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में भी ऐसे धार्मिक-सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनता और सरकार के बीच की दूरी घटेगी और लोगों में धार्मिक सौहार्द एवं एकता की भावना और भी मजबूत होगी।
इस योजना के तहत आसनसोल नगर निगम द्वारा आगे भी हर वार्ड में राशन दुकानों से प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में कोई धार्मिक भेदभाव नहीं किया गया, जिससे यह योजना सर्वधर्म समभाव की मिसाल बन गई है।
राज्य सरकार के इस अनूठे धार्मिक और सामाजिक प्रयास की सराहना करते हुए स्थानीय नागरिकों ने इसे धार्मिक आस्था और लोकसेवा का संगम बताया।














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