
आसनसोल : पश्चिम बंगाल की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व बड़ा भूचाल आया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पश्चिम बर्दवान जिला अध्यक्ष दानिश अज़ीज़ को भारी मात्रा में जाली नोट और नकली करेंसी निर्माण के उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी शनिवार तड़के आसनसोल साउथ फांड़ी पुलिस द्वारा होटल ग्रैंड के कमरे नंबर 3010 से की गई। पुलिस ने उनके साथ मौजूद मोहम्मद लाल खान नामक एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने होटल कक्ष से 1.5 लाख रुपये की नकली करेंसी, 600 ब्लैंक नोट पेपर, नोट छापने की डाई, एक आयरन मशीन और अन्य सामग्री जब्त की है। प्राथमिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। दोनों आरोपियों पर आईपीसी और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं — 2013/25, 178, 179, 180, 181, 182, 318/4, 3/5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में प्रस्तुत कर 14 दिन की रिमांड की मांग की है।

पहले भी विवादों में रहा है दानिश का नाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दानिश अज़ीज़ पहले भी विवादों में रहे हैं। झारखंड की एक युवती ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसकी सुनवाई आसनसोल अदालत में लंबित है।
गिरफ्तारी पर पिता ने लगाया सियासी षड्यंत्र का आरोप
गिरफ्तारी के बाद दानिश के पिता अजीज ने दावा किया कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक षड्यंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक वरिष्ठ नेता ने यह षड्यंत्र रचा है, क्योंकि दानिश अल्पसंख्यक वर्ग में लोकप्रियता हासिल कर रहे थे और 2026 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल नॉर्थ सीट से AIMIM के प्रत्याशी बनने की तैयारी कर रहे थे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी नेता मलय घटक की संभावनाओं को सुरक्षित रखने के लिए ही दानिश को फंसाया गया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को आगामी चुनाव की तैयारी का हिस्सा बताते हुए इसे राजनीति की गहरी चाल करार दिया।

चुनाव से पहले बढ़ती सियासी गरमाहट
राज्य की सियासत में AIMIM की सक्रियता और अल्पसंख्यक वोट बैंक पर पकड़ TMC के लिए चिंता का विषय बन रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दानिश को निर्दोष साबित किया जाता है, तो यह टीएमसी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, यदि पुलिस की जांच में अपराध की पुष्टि होती है, तो यह AIMIM की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा सकता है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान और कई अहम खुलासे हो सकते हैं। अब देखना यह होगा कि यह मामला सिर्फ कानून का उल्लंघन है या सियासी बिसात पर चला गया एक शातिर चाल। राजनीति और अपराध के इस संगम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।














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