
पूर्व बर्दवान : पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले में मानसून की रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। एक ओर जहां जगह-जगह जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, वहीं दूसरी ओर दामोदर नदी समेत कई नदियां उफान पर हैं। इससे पुरुलिया, बांकुड़ा, बीरभूम, पश्चिम और पूर्व बर्दवान सहित पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

बारिश के चलते पूर्व बर्दवान के गलसी थाना अंतर्गत गोह ग्राम पंचायत के सोंडा दामोदर नदी बालू घाट पर बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, भारी वर्षा के कारण अचानक दामोदर नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया, जिससे बालू लोड करने पहुँची 20 से अधिक ट्रकें नदी की धारा में फंस गईं। यही नहीं, बालू उठाव कार्य में लगीं तीन से चार पोकलेन मशीनें भी बीच धारा में फंसी हुई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक जलस्तर बढ़ने से चालक और मशीन ऑपरेटर जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे, परंतु उनकी बहुमूल्य वाहनें तेज बहाव के कारण बुरी तरह फंस गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल का जायजा लिया है, लेकिन अब तक किसी भी वाहन को बाहर निकालने का प्रयास नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने मानसून के सक्रिय चरण को देखते हुए पहले ही चेतावनी जारी की थी। जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही बालू घाटों पर बालू उठाव कार्य बंद करने के स्पष्ट आदेश भी जारी किए गए थे, परंतु उसके बावजूद बालू माफिया अवैध रूप से कार्य कर रहे थे, जिसका परिणाम अब सभी के सामने है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही की वजह से ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है। यदि समय रहते बालू घाटों पर रोक लगाई जाती तो इस प्रकार की दुर्घटना को टाला जा सकता था।
फिलहाल, दामोदर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट कर दिया है और नदी के किनारे बसे लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। स्थिति गंभीर बनी हुई है और सभी की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।














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