
आसनसोल : त्रिवेणीदेवी भालोटिया कॉलेज के भूगोल विभाग द्वारा बुधवार, 25 जून 2025 को एक दिवसीय विशेष आमंत्रित व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भूगोल विषय से जुड़े महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर दो ख्यातिप्राप्त प्रोफेसरों ने अपने विचार साझा किए। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से उपयोगी रहा, बल्कि छात्रों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक भी सिद्ध हुआ।
इस कार्यक्रम में बर्द्धमान विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रख्यात प्रोफेसर डॉ. नारायण चंद्र जाना और कलकत्ता विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मी नारायण सतपति को आमंत्रित किया गया था। दोनों अतिथियों ने विषय की गंभीरता और समकालीन महत्व को रेखांकित करते हुए विचारोत्तेजक और व्यावहारिक व्याख्यान दिए।

प्रो. डॉ. जाना ने “भूगोल के अनुशासन में आपदा, विकास और स्थिरता: परिप्रेक्ष्य और आयाम” विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन को केवल भूगोल से नहीं, बल्कि सतत विकास और पर्यावरणीय नीति से भी जोड़कर देखने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका व्याख्यान तथ्यात्मक, शोध-आधारित और प्रेरणादायक रहा।
वहीं, प्रो. डॉ. सतपति ने “इंटर्नशिप से उद्यमिता: क्षमता निर्माण के लिए भारतीय भूगोल में अनुसंधान एजेंडा” विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के संदर्भ में भूगोल विषय में अनुसंधान और व्यवहारिक प्रशिक्षण के अवसरों पर चर्चा की। यह विषय विशेष रूप से स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक रहा।

कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक प्रभारी प्रो. मिलन मुखर्जी और IQAC समन्वयक डॉ. सरबानी बनर्जी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। भूगोल विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुमा डॉन और सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपांकर ओरांव कार्यक्रम के संयोजक रहे, जिन्होंने इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित की।
भूगोल विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के समन्वित प्रयासों से यह कार्यक्रम बेहद सफल रहा। छात्र-छात्राओं ने दोनों व्याख्यानों से ज्ञानवर्धन किया और भूगोल विषय में नए दृष्टिकोण पाए। यह आयोजन टीडीबी कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को और अधिक समृद्ध करने वाला साबित हुआ।














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