Breaking News
आसनसोल में निर्यात संवर्धन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर मंथन बाराबनी पंचायत समिति का कामकाज ठप, 13 सदस्यों के त्यागपत्र के बाद विकास योजनाओं पर लगा विराम राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार और पेयजल योजनाओं पर दिल्ली में मंथन, मंत्री अजय पोद्दार की अहम बैठकों पर निगाहें आसनसोल-दुर्गापुर में हवाई संपर्क बढ़ाने की मांग, दिल्ली सहित चार शहरों के लिए दैनिक उड़ानों का प्रस्ताव जामुड़िया में बालू लदे वाहनों से कथित अवैध वसूली पर पुलिस की कार्रवाई, भाजपा नेता बताने वाला व्यक्ति गिरफ्तार दो माह से भुगतान नहीं मिलने पर तपसी साइडिंग में डंपर संचालन बंद,

बर्दवान स्टेशन पर फर्जी टीटीई गिरफ्तार, 8 लाख देकर खरीदी थी नौकरी

Facebook
Twitter
WhatsApp

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

पूर्व बर्दवान : पूर्व बर्दवान के बर्दवान रेलवे स्टेशन पर एक चौंकाने वाली घटना ने रेलवे सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेशन परिसर में दो युवकों को फर्जी टिकट परीक्षक (टीटीई) की भूमिका में पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने यह ‘सरकारी नौकरी’ पैसे देकर खरीदी थी। इस पूरे मामले ने रेलवे विभाग में दलालों की गहरी पैठ और बेरोजगार युवाओं के शोषण की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान दिल्ली के रहने वाले विनय कुमार और नितेश बलगुहा के रूप में हुई है। दोनों युवक बर्दवान स्टेशन के ओवरब्रिज पर सक्रिय रूप से ‘ड्यूटी’ करते हुए पाए गए, जिससे विजिलेंस अधिकारियों को उन पर संदेह हुआ। टीटीई की तैनाती आमतौर पर प्लेटफॉर्म, ट्रेनों या निकास द्वारों पर होती है, लेकिन ये दोनों केवल ओवरब्रिज पर यात्रियों से पूछताछ करते हुए देखे गए। यह व्यवहार संदिग्ध प्रतीत हुआ और जब वाणिज्यिक विभाग के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की तो परत दर परत पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।

IMG 20250511 WA0050

आठ लाख रुपये में मिली थी ‘सरकारी नौकरी’
पूछताछ में दोनों युवकों ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके के एक शातिर ठग से चार-चार लाख रुपये की राशि दी थी। उस व्यक्ति ने खुद को रेलवे भर्ती एजेंट बताते हुए भरोसा दिलाया कि उन्हें रेलवे में टीटीई की स्थायी नौकरी मिलेगी। इतना ही नहीं, भर्ती प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए उनका मेडिकल टेस्ट भी दिल्ली के एक रेलवे अस्पताल के बाहर कराया गया और फिर कहा गया कि वे पास हो चुके हैं।

इसके बाद आरोपियों को बताया गया कि उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बर्दवान स्टेशन पर की गई है और शुरुआत में उन्हें ‘लर्निंग पीरियड’ के दौरान ओवरब्रिज पर ड्यूटी करनी होगी। उन्हें बाकायदा एक पहचान पत्र (आई-कार्ड) भी थमाया गया, जिस पर रेलवे का नकली लोगो और पदनाम अंकित था। यही नहीं, बर्दवान पहुंचने के बाद वे एक किराए के मकान में रहने लगे और अपनी ‘ड्यूटी’ निभाने लगे।

रेलवे अधिकारियों की सतर्कता से हुआ खुलासा
बुधवार को जब रेलवे की विजिलेंस टीम स्टेशन का निरीक्षण कर रही थी, तभी इन दोनों पर उनकी नजर पड़ी। पूछताछ में दोनों के जवाब गोलमोल निकले, जिससे शक और गहरा गया। जांच में जब उनके पहचान पत्रों की जांच की गई, तो वे पूरी तरह से फर्जी पाए गए। तत्काल दोनों को हिरासत में लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हवाले कर दिया गया।

बाद में, आरोपियों ने खुलकर बताया कि वे भी इस ठगी का शिकार हुए हैं और उन्हें यकीन था कि उनकी नियुक्ति वैध प्रक्रिया के तहत हुई है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी वैध नियुक्ति की जानकारी विभाग को होती है, और इन दोनों के नाम किसी भी अधिकृत सूची में नहीं हैं।

IMG 20240918 WA0025

रेलवे प्रशासन ने जताई चिंता, केस दर्ज
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए बर्दवान जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। साथ ही दिल्ली में सक्रिय उस गिरोह की तलाश भी शुरू कर दी गई है जो बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी के नाम पर ठग रहा है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इस बात से चिंतित हैं कि इतने बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए कैसे असली पहचान पत्र जैसे दस्तावेज बनवाए गए।

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे न दें और केवल अधिकृत भर्ती वेबसाइट या सरकारी अधिसूचना के माध्यम से ही आवेदन करें।

युवाओं की मजबूरी बनी दलालों की ताकत
इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि बेरोजगारी किस कदर युवाओं को असुरक्षित बना रही है। ठगों का एक संगठित गिरोह सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों की ठगी कर रहा है और युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल रहा है।

बर्दवान स्टेशन की यह घटना न केवल रेलवे सुरक्षा की विफलता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में गहराई से जड़े बेरोजगारी और फर्जीवाड़े की विकरालता को भी उजागर करती है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां इस गिरोह तक कब और कैसे पहुंचती हैं।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 7 8 4
Users Today : 5
Users Yesterday : 14