
दुर्गापुर : बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में लगातार भारी वर्षा हो रही है। कोलकाता सहित पश्चिम बर्दवान, बीरभूम, पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों में झमाझम बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसी कड़ी में अजय नदी भी उफान पर है, जिससे पश्चिम बर्दवान के कांकसा प्रखंड अंतर्गत शिवपुर से बीरभूम के जयदेव केंदुली को जोड़ने वाले अस्थायी पुल पर पानी भर गया।

गुरुवार सुबह से ही प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस अस्थायी पुल को बांस और बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह से यातायात के लिए बंद कर दिया। प्रशासन और फेरीघाट प्राधिकरण ने यह कदम किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए उठाया है।

दो जिलों के बीच संपर्क टूटा
शिवपुर और केंदुली के बीच स्थित यह पुल प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं, शिक्षक, मरीज, व्यापारी और मजदूर इस रास्ते से नियमित यात्रा करते हैं। अब पुल बंद होने से बीरभूम और पश्चिम बर्दवान के बीच संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
स्थानीय निवासी रामकृष्ण बाउरी ने बताया, “यह एकमात्र रास्ता है जिससे हम लोग दुर्गापुर काम पर जाते हैं। अब बस या ट्रेन का कोई विकल्प नहीं बचा है। हमें नदी पार करने के लिए नाव भी उपलब्ध नहीं है।”
वर्षा और जलाशयों से छोड़ा गया पानी बनी मुसीबत
अजय नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के पीछे झारखंड और बिहार में हुई भारी वर्षा तथा उनके जलाशयों से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी भी कारण है। बारिश का पानी पहले से ही नदी को भर चुका था और अब बाहर से आए जल प्रवाह ने स्थिति को विकराल बना दिया है।
कांकसा प्रखंड प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि “अभी जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। सुरक्षा की दृष्टि से हम किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत सकते। जब तक नदी का जलस्तर कम नहीं हो जाता, अस्थायी पुल को खोलने का सवाल ही नहीं उठता।”

स्थायी पुल बनकर भी अधूरा
स्थानीय लोगों का सबसे बड़ा आक्रोश इस बात को लेकर है कि अजय नदी पर बनाए जा रहे स्थायी पुल का 90% से अधिक काम पूरा हो चुका है, फिर भी अब तक वह जनता के लिए नहीं खोला गया है।
जयदेव केंदुली निवासी सुभाष मंडल ने कहा, “यदि वह स्थायी पुल चालू होता तो आज हमें यह संकट नहीं झेलना पड़ता। हर साल बारिश के समय हमें इस अस्थायी पुल पर निर्भर रहना पड़ता है और हर बार यही परेशानी होती है।”
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से बार-बार आग्रह के बावजूद स्थायी पुल को चालू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष है।
प्रशासन का आश्वासन
प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी करने की व्यवस्था की है। अधिकारियों ने कहा है कि जलस्तर में गिरावट आने के बाद सड़क और पुल की मरम्मत की जाएगी तथा सुरक्षा की पूरी समीक्षा के बाद ही आवागमन बहाल किया जाएगा।














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