
रानीगंज : रानीगंज के मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित शुभदर्शिनी अस्पताल के पास तैनात एक सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कूड़ान गोप (43) के रूप में हुई है, जो एगरा ग्राम पंचायत के कांकड़ डांगा गांव का निवासी था। घटना गुरुवार देर रात की है, जब कूड़ान अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे।
शुक्रवार सुबह जब अन्य सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर पहुंचे तो उन्होंने कूड़ान गोप को सुरक्षा कक्ष के भीतर फंदे से लटका पाया। यह दृश्य देख वे घबरा गए और तत्काल अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने शव कब्जे में लिया, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही पंजाबी मोड़ फाड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा। पुलिस अधिकारियों ने मौके की प्रारंभिक जांच की और घटनास्थल से कुछ साक्ष्य एकत्र किए हैं।
हालांकि प्रथम दृष्टया पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मौत पूरी तरह संदिग्ध है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कूड़ान गोप मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थे और परिवार के बेहद जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे। उन्होंने कहा कि कूड़ान रोज़ाना की तरह शांतिपूर्वक ड्यूटी पर गए थे और किसी प्रकार की परेशानी का कोई संकेत नहीं था।
परिजनों ने मांग की है कि—घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज जांची जाए।अस्पताल और सुरक्षा कंपनी प्रबंधन से कड़ी पूछताछ हो।पोस्टमार्टम रिपोर्ट शीघ्र और पारदर्शी ढंग से सार्वजनिक की जाए।
औद्योगिक क्षेत्र में डर और आक्रोश
इस घटना ने रानीगंज औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे सैकड़ों मजदूरों और कर्मचारियों के बीच भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि जब एक सुरक्षा गार्ड स्वयं असुरक्षित हो, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?

पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष और तेज़ी से कार्रवाई करे ताकि सच्चाई सामने आ सके और परिवार को न्याय मिल सके।कूड़ान गोप की अस्वाभाविक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—यह आत्महत्या थी या किसी साजिश का हिस्सा? इस प्रश्न का उत्तर केवल निष्पक्ष जांच से ही मिल सकेगा। पुलिस और प्रशासन को चाहिए कि वे जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जांच को जल्द से जल्द अंजाम तक पहुँचाएं।














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