
आसनसोल : सोमवार सुबह आसनसोल के व्यस्ततम बाजारों में से एक हटन रोड क्षेत्र में आग लगने की एक भीषण घटना ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। फुटपाथ पर स्थित चार दुकानें देखते ही देखते आग की चपेट में आ गईं और पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
चिंगारी से फैली लपटें, दुकानों में मचा हड़कंप
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सुबह करीब 8:15 बजे की है। पास ही लगे एक पुराने ट्रांसफार्मर से अचानक चिंगारी उठी, जिसने कुछ ही पलों में बगल की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।सद्दाम नामक दुकानदार ने बताया, “यह पहली बार नहीं हुआ। दो साल पहले भी इसी ट्रांसफार्मर से आग लगी थी। कई बार बिजली विभाग से शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस बार तो सबकुछ खत्म हो गया।”

दमकल विभाग की तत्परता से बचा बड़ा हादसा
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।हालांकि तब तक चार दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं। यदि दमकल थोड़ी देर और करती, तो आग आसपास की रिहायशी बस्तियों तक भी फैल सकती थी।
लाखों का नुकसान, व्यापारी बेहाल
पीड़ित दुकानदारों के अनुसार, प्रत्येक दुकान में 80,000 से एक लाख रुपए तक का माल रखा गया था, जो आग में पूरी तरह नष्ट हो गया।स्थानीय निवासी और व्यापारी संगठन बिजली विभाग और प्रशासन की लापरवाही से नाराज़ हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद ट्रांसफार्मर की न तो मरम्मत की गई और न ही उसे बदला गया।

प्रशासन और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
आश्चर्य की बात यह रही कि घटना के एक घंटे बाद तक भी कोई प्रशासनिक अधिकारी या बिजली विभाग का प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। एक स्थानीय व्यवसायी ने कहा, “हमें मुआवजा चाहिए, लेकिन उससे पहले एक स्थायी समाधान भी चाहिए। कब तक ऐसे हादसों में अपना सबकुछ गंवाते रहेंगे?”क्या होना चाहिए आगे?ट्रांसफार्मर की तत्काल जांच और प्रतिस्थापन,पूरे बाजार क्षेत्र की विद्युत प्रणाली का पुनर्मूल्यांकन, फुटपाथ दुकानदारों के लिए सुरक्षित संरचना की योजना,व्यापारियों को तत्काल मुआवजा और राहत। यह घटना प्रशासन और बिजली विभाग के लिए एक कठोर चेतावनी है। यदि अब भी लापरवाही बरती गई, तो अगली बार नुक़सान और बड़ा हो सकता है—शायद जानमाल दोनों का। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुनियोजित उपाय किए जाएं।














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