
ट्रांसमीटो फाउंडेशन संचालकों के खिलाफ पीड़ितों ने खोला मोर्चा
आसनसोल : ट्रांसमीटो डेवलपमेंट फाउंडेशन के संचालक नदीम अहमद और विजय पंडित पर देशभर में करीब 5 लाख निवेशकों से सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगा है। शुक्रवार को सैकड़ों पीड़ितों ने आसनसोल में नदीम अहमद के आवास पर जब पहुंचकर उनसे संपर्क करने का प्रयास किया, तो वहां ताला लटका मिला और सभी संचालक फरार पाए गए।
मुनाफे का लालच, फिर बाउंस हुए चेक पीड़ितों का कहना है कि संस्था ने विभिन्न परियोजनाओं में ऊंचा मुनाफा दिलाने का वादा कर उनसे 5-6 लाख रुपये या उससे अधिक राशि निवेश करवाई। लेकिन जब परिपक्वता की तिथि आई, तो कंपनी की ओर से दिए गए चेक बाउंस हो गए।एक पीड़िता महिला ने बताया कि उसने पति से छिपाकर जमा पूंजी संस्था में निवेश कर दी थी और अब वह आर्थिक रूप से टूट चुकी है। कई पीड़ितों ने रोते हुए कहा कि अब जीने की कोई उम्मीद नहीं बची, आत्महत्या जैसे ख्याल मन में आ रहे हैं।

फोन बंद, कार्यालय बंद, आरोपी लापता
शुक्रवार को जब सैकड़ों पीड़ित आसनसोल में नदीम अहमद के आवास पहुंचे, तो देखा कि घर पर ताला बंद था। उन्होंने फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों मुख्य आरोपियों नदीम अहमद और विजय पंडित के मोबाइल नंबर बंद मिले।
इस दौरान लोगों ने बताया कि एक दुकानदार, जिसे विजय पंडित का भाई बताया जा रहा है, इस घोटाले में साझेदार है। हालांकि उसने इन आरोपों से साफ इनकार किया है।
देहरादून में कार्यक्रम और 100 करोड़ की ठगी
पीड़ितों का दावा है कि देहरादून में आयोजित एक विशेष सम्मेलन के बहाने भी 100 करोड़ रुपये की ठगी की गई। कार्यक्रम में देशभर से संस्था के निवेशकों को बुलाया गया, जहां उन्हें नकली वादों और दिखावे के ज़रिये प्रभावित किया गया।
पुलिस में शिकायत, लेकिन आरोपी अब तक फरार
पीड़ितों ने स्थानीय थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है और संस्था के बैंक खातों, संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पीड़ितों की चेतावनी: नहीं मिला पैसा तो करेंगे उग्र आंदोलन
पीड़ितों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिला, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। कई लोगों ने कहा, “यह हमारी जीवन भर की कमाई थी, जिसे सुनहरे सपनों के लालच में लुटा बैठे। अब सरकार और प्रशासन को हमारी मदद करनी चाहिए।”
प्रशासन पर दबाव, जनता में रोष
यह मामला अब राज्य स्तर पर प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। 5 लाख लोगों की गाढ़ी कमाई की ठगी से जनता में उबाल और रोष है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है और पीड़ितों को कब तक न्याय मिलता है।














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