
मिदनापुर : पश्चिम मिदनापुर जिले के घाटाल क्षेत्र में भारी बारिश और जलाशयों से छोड़े गए पानी के कारण भयावह बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रविवार सुबह तक घाटाल नगरपालिका के 13 वार्ड और घाटाल ब्लॉक की 6 ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ चुकी थीं। बाढ़ का पानी घरों, सड़कों और स्कूलों में घुस चुका है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
प्रशासन की ओर से राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। पका हुआ भोजन वितरित किया जा रहा है, चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं और पीने के पानी की टंकियां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई गई हैं। अरगोड़ा क्षेत्र के जलमग्न राज्य राजमार्ग पर लोक निर्माण विभाग ने आवागमन हेतु नावें उपलब्ध कराई हैं।

दो दर्दनाक मौतों से पसरा मातम
बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। पहली घटना दीवानचक-1 ग्राम पंचायत के किस्मत कोतुलपुर गांव की है, जहाँ सुल्ताना खातून नामक कक्षा एक की छात्रा नहाने के दौरान डूब गई। पड़ोस के बच्चों के साथ बाढ़ के पानी में खेलने गई सुल्ताना की डूबने से मौत हो गई, जिसे बाद में स्थानीय लोगों ने बरामद किया।
दूसरी घटना अजबनगर गांव की है, जहाँ 46 वर्षीय निताई डोगरा, बाजार से लौटते समय बाढ़ के पानी में बह गए। शनिवार को लापता होने के बाद रविवार सुबह उनका शव मिला। सूचना मिलने पर घाटाल पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन बल ने स्पीडबोट की मदद से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

स्कूलों में ताला, बकरियां डोंगी पर
घाटाल के कई प्राथमिक और आईसीडीएस केंद्र बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिससे स्कूलों को बंद करना पड़ा है। वार्ड नंबर 10 और गढ़प्रतापनगर इलाकों में घरों के सामने पानी भरा हुआ है। बकरियों को डोंगी में रखकर किनारे पर चराने की नौबत आ गई है।
प्रशासन की सक्रियता, फिर भी चिंता बरकरार
बाढ़ की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन दो मौतों ने स्थानीय जनता और अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है। जलस्तर बढ़ने से खतरा अभी भी टला नहीं है।
घाटाल में बाढ़ की स्थिति यह दर्शाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति पूर्व चेतावनी और सतर्कता की जरूरत अब पहले से कहीं अधिक है। ऐसे में जनता और प्रशासन, दोनों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की त्रासदियों को रोका जा सके।














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