
आसनसोल : कुल्टी थाना अंतर्गत नियामतपुर फाड़ी क्षेत्र में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने पथ अवरोध कर विरोध प्रदर्शन किया। यह अवरोध भाजपा के शक्ति प्रमुख रमेश रविदास पर हुए हमले और उसमें पुलिस की कथित निष्क्रियता को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी 18 जुलाई को बंगाल में आयोजित जनसभा में भाग लेने की तैयारी कर रहे भाजपा कार्यकर्ता पर विपक्षी राजनीतिक दलों से जुड़े असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर हमला किया।
घटना को लेकर जब भाजपा नेताओं ने नियामतपुर फाड़ी में शिकायत दर्ज करानी चाही, तो पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के बजाय शिकायतकर्ता को ही घंटों फाड़ी में बैठाए रखा। इस रवैये से क्षुब्ध होकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नियामतपुर चौराहे पर सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन की अगुवाई भाजपा कुल्टी विधानसभा के मंडल अध्यक्ष अमर प्रसाद ने की।

अमर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री की जनसभा में भाग लेना हर कार्यकर्ता का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विपक्ष के लोग भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने और मारपीट कर जनसभा में भाग लेने से रोकना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने हमला किया, उन्हें पुलिस ने खुला छोड़ दिया जबकि पीड़ित को ही थाने में बैठाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है।
पथ अवरोध के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी टिंकू वर्मा ने कहा कि यदि पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं करती है तो हम क्षेत्रीय थानों के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देंगे। मंडल चार के साधारण संपादक काजल दास, सोमेन चक्रवर्ती, मंडल तीन की साधारण संपादिका महुआ राय, गुड्डू पासवान, सूरज केवट, संजीत यादव, आशीष हजारे, विजय साव, निर्मल माझी, साचु दास, मिथुन पासवान सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

विरोध को देखते हुए नियामतपुर फाड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची और आंदोलनकारियों से वार्ता की। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपना अवरोध समाप्त किया।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी रोष है। लोगों का कहना है कि राजनीतिक हिंसा का चलन बढ़ता जा रहा है, जिससे लोकतंत्र के स्वस्थ संचालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ कर न्याय दिलाया जाए, अन्यथा वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।














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