
बर्नपुर : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत रविवार को एक बार फिर मानवता का परिचय देते हुए एक नाबालिग की जिंदगी को सुरक्षित दिशा दी गई। बर्नपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर स्थित फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के पास बेंच पर अकेले बैठे एक 13 वर्षीय बालक को देख आरपीएफ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया।
संदेह होने पर जब अधिकारियों ने बच्चे से पूछताछ की, तो उसने अपना नाम अमित कुमार, निवासी भागलपुर (बिहार) बताया। उसने बताया कि पारिवारिक कारणों और माता-पिता द्वारा डांटने के बाद वह घर छोड़कर भाग आया है और बिना किसी गंतव्य के यात्रा कर रहा था।
आरपीएफ अधिकारियों ने बच्चे को तत्काल अपनी सुरक्षा में लेकर आरपीएफ पोस्ट बर्नपुर लाया। वहां उसे भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया ताकि वह मानसिक और शारीरिक रूप से सहज महसूस कर सके। इसके पश्चात आरपीएफ ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), आसनसोल से संपर्क कर घटना की जानकारी दी।

सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों के आने के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए बच्चे को सुरक्षित रूप से उनके हवाले कर दिया गया। सीडब्ल्यूसी की टीम अब बालक के माता-पिता से संपर्क कर उन्हें सूचित करेगी और उचित प्रक्रिया के तहत बच्चे को घर पहुंचाया जाएगा।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के माध्यम से रेलवे स्टेशन परिसर में घूम रहे, खोए हुए या संकट में फंसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाती है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को बाल तस्करी, शोषण या अन्य किसी भी प्रकार के खतरे से बचाकर उन्हें सही हाथों में सौंपना है।

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने भी आरपीएफ की तत्परता और मानवीय कार्य के लिए सराहना की। इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि रेलवे सुरक्षा बल न केवल पटरियों की सुरक्षा करता है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद में भी हमेशा अग्रणी रहता है।














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