
आसनसोल : पश्चिम बंगाल की लोक संस्कृति को संजोने और लोक कलाकारों को सम्मान देने की दिशा में राज्य सरकार सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में रविवार को आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 15 स्थित कन्यापुर आदर्श श्रमिक मंगल केंद्र में पश्चिम बंगाल सरकार लोक संस्कृति एवं आदिवासी संस्कृति केंद्र की ओर से जिला स्तरीय लोक कलाकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य के कानून एवं श्रम मंत्री मलय घटक ने दीप प्रज्वलन कर की।
अपने संबोधन में मंत्री मलय घटक ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लोक कलाकारों को उनका उचित सम्मान देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अतीत में वामपंथी शासन के 34 वर्षों के दौरान लोक कलाकारों की उपेक्षा की गई, लेकिन वर्तमान सरकार ने बंगाल की लोक परंपरा, गीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवंत किया है।

मंत्री ने कहा कि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी अब लोक कलाकार गांव-गांव जाकर गीतों और प्रस्तुतियों के माध्यम से दे रहे हैं, जिससे आम जनता को इन योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बंगाल की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है कि लोक कलाकार न केवल कला के वाहक हैं, बल्कि जनजागरण के संवाहक भी बन चुके हैं।

इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी एस. पोन्नमबलम ने भी लोक कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि यदि आज बंगाल की संस्कृति जीवित है तो उसका श्रेय इन कलाकारों को जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों का सम्मान आवश्यक है ताकि वे प्रोत्साहित हों और भविष्य की पीढ़ियों को भी लोक कला से जोड़ सकें।
कार्यक्रम के दौरान कई लोक कलाकारों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी, उपाध्यक्ष विष्णुदेव नोनिया, एसडीओ विश्वजीत भट्टाचार्य, बोरो चेयरमैन अनिमेष दास, मेयर परिषद सदस्य गुरदास चटर्जी, पार्षद श्याम सोरेन सहित अनेक तृणमूल कार्यकर्ता उपस्थित थे।














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