
बर्नपुर : लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण दामोदर नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसी के चलते बुधवार को बर्नपुर के कालाझरिया स्थित पीएचई पंप हाउस का लोहे का पुल अचानक टूटकर नदी में समा गया। यह पुल वर्षों पुराना था और इसके माध्यम से ही राइजिंग मेन पाइपलाइन गुजरती थी, जिससे आसनसोल शहर के विभिन्न हिस्सों में जलापूर्ति की जाती थी।

घटना के समय पुल के दूसरे छोर पर पीएचई कर्मी गौतम माझी मौजूद थे, जो अचानक हुए हादसे में वहीं फंस गए। जैसे ही यह खबर फैली, स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर एकत्रित हो गई। बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है, हालांकि पीएचई विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

अवैध बालू खनन को बताया जा रहा मुख्य कारण
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने घटना का मुख्य कारण दामोदर नदी से हो रहा अवैध बालू खनन बताया है। भाजपा के प्रदेश सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि “कटमनी संस्कृति और प्रशासनिक लापरवाही ने इस हादसे को जन्म दिया है।” उन्होंने कर्मी की सुरक्षित वापसी और बालू माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
आसनसोल में जल संकट गहराने की आशंका
घटना के बाद पीएचई की मुख्य पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे आसनसोल शहर के कल्याणपुर हाउसिंग, हीरापुर, दुर्गापुर प्रोजेक्ट गेट, हिल व्यू पार्क, सिघानी, कुल्टी रोड सहित कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई अनिश्चितकाल के लिए बाधित हो सकती है। इस घटना ने नगर निगम के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
पुरानी संरचना और रखरखाव की कमी भी वजह
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कालाझरिया स्थित पीएचई पंप हाउस और लोहे का पुल काफी पुराने हो चुके थे, परंतु विभाग द्वारा समय पर मरम्मत या पुनर्निर्माण का प्रयास नहीं किया गया। तेज बहाव और कमजोर आधार के चलते पुल बीच से टूटकर नदी में समा गया।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
यह घटना प्रशासन की लापरवाही और बालू माफियाओं से मिलीभगत का नतीजा बताई जा रही है। अगर समय रहते अवैध खनन पर नियंत्रण, और संरचनाओं का रखरखाव किया गया होता, तो इस तरह की आपदा टाली जा सकती थी। अब प्रशासन पर दबाव है कि वह तत्काल वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करे, और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।














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